केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक साहसिक और नैतिक कदम बताया है। शनिवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट के जरिए शाह ने कहा कि प्रधान का यह फैसला व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित को प्राथमिकता देने की भाजपा की कार्य संस्कृति को दर्शाता है।
अमित शाह ने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी के लिए देश और उसके युवाओं का भविष्य किसी भी पद से अधिक महत्वपूर्ण है। उन्होंने लिखा, “धर्मेंद्र प्रधान जी का इस्तीफा इस बात का प्रमाण है कि हमारी सरकार अपने युवाओं की भावनाओं और उनकी आकांक्षाओं के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है।”
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठा रही है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परीक्षाओं की शुचिता बनाए रखने के लिए सरकार द्वारा उठाए जा रहे सख्त कदम न केवल भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होंगे, बल्कि नीट (NEET) जैसे विवादों में प्रभावित हुए छात्रों को न्याय भी दिलाएंगे।
शाह ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की सराहना करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदानों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रधान के नेतृत्व में ‘राष्ट्रीय शिक्षा नीति’ (NEP 2020) को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने का काम हुआ। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर के छात्र सड़कों पर हैं और विपक्ष लगातार जवाबदेही की मांग कर रहा है। जहां एक ओर विपक्षी पार्टियां इसे छात्र आंदोलनों की नैतिक जीत बता रही हैं, वहीं सत्तापक्ष इसे एक उच्च प्रशासनिक आदर्श के रूप में देख रहा है।
अमित शाह की यह टिप्पणी स्पष्ट करती है कि भाजपा इस मुद्दे पर बचाव की मुद्रा में नहीं, बल्कि ‘जवाबदेही’ के नैरेटिव के साथ आगे बढ़ रही है। विश्लेषकों का मानना है कि प्रहलाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपने के बाद सरकार का अगला ध्यान अब पूरी तरह से परीक्षा तंत्र में बड़े सुधार लाने और छात्रों का खोया विश्वास वापस पाने पर केंद्रित होगा।
कुल मिलाकर, धर्मेंद्र प्रधान का जाना एक युग के अंत के साथ-साथ शिक्षा प्रणाली में एक नई दिशा की शुरुआत का संकेत है। अब पूरी प्रशासनिक मशीनरी के सामने सबसे बड़ी चुनौती परीक्षाओं को पूरी तरह से निष्पक्ष और त्रुटिहीन बनाना है।
रिपोर्ट- सोनू सिंह


