Trending Topics:

अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत अहम मोड़ पर पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी अपेक्षाओं और शर्तों के अनुरूप समझौता चाहता है, लेकिन यदि बातचीत से संतोषजनक नतीजा नहीं निकलता है तो अन्य विकल्पों पर भी कदम उठाया जा सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर चल रही बातचीत अहम मोड़ पर पहुंच चुकी है। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी अपेक्षाओं और शर्तों के अनुरूप समझौता चाहता है, लेकिन यदि बातचीत से संतोषजनक नतीजा नहीं निकलता है तो अन्य विकल्पों पर भी कदम उठाया जा सकता है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका एक अनुकूल समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनके अनुसार, किसी भी वार्ता में जल्दबाजी करने से बेहतर परिणाम नहीं मिलते, इसलिए बातचीत को सावधानी और धैर्य के साथ आगे बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका अपनी अपेक्षाओं के अनुरूप नतीजे हासिल करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन यदि ऐसा नहीं हुआ तो मामले को सुलझाने के लिए दूसरे विकल्पों का सहारा लिया जाएगा।

“ट्रंप का दावा: ‘ईरानी अच्छे वार्ताकार हैं, लेकिन खेल के सारे पत्ते हमारे हाथ में'”

ट्रंप ने कहा कि ईरान के प्रतिनिधि बातचीत में कुशल हैं, लेकिन उनका मानना है कि मौजूदा परिस्थितियों में अमेरिका की स्थिति अधिक मजबूत है। उन्होंने दावा किया कि ईरान सैन्य रूप से कमजोर पड़ चुका है, इसलिए अमेरिका के पास बढ़त है। ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों के बीच समझौते की संभावना मजबूत है, लेकिन यदि वार्ता सफल नहीं होती, तो अमेरिका अन्य कड़े विकल्पों पर विचार कर सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, ईरान का कहना है कि वह परमाणु हथियारों के विकास की दिशा में काम नहीं कर रहा है। हालांकि, ट्रंप ने इस दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल हथियार विकसित न करने की बात पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित होना चाहिए कि ईरान किसी अन्य स्रोत से ऐसे हथियार हासिल न करे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि परमाणु हथियारों के निर्माण और उनकी खरीद—दोनों पर स्पष्ट प्रतिबंध होना जरूरी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर अपनी रणनीति पर बात करते हुए बताया कि ईरानी नेतृत्व के कई प्रमुख लोगों को जानबूझकर निशाना नहीं बनाया गया। उन्होंने संकेत दिया कि उस समय हालात को और अधिक गंभीर होने से रोकने तथा कूटनीतिक विकल्पों को खुला रखने के लिए कुछ फैसले सोच-समझकर लिए गए थे। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ने अपने कदमों का आकलन व्यापक रणनीतिक और सुरक्षा हितों को ध्यान में रखते हुए किया था।

“परमाणु समझौते में बदलाव की मांग: ट्रंप ने रखीं कई नई शर्तें”

इस बीच, अमेरिकी मीडिया संस्थान एक्सिओस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित समझौते में कई बदलाव सुझाए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप समझौते को जल्द अंतिम रूप देना चाहते हैं, लेकिन उनका मानना है कि कुछ अहम प्रावधानों, विशेष रूप से ईरान के परमाणु कार्यक्रम और परमाणु सामग्री से जुड़े नियमों को और अधिक सख्त तथा स्पष्ट बनाया जाना चाहिए।

Share.
Leave A Reply

Exit mobile version