मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया, जब झींझक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में तैनात चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पीयूष त्रिपाठी की पत्नी आकांक्षा त्रिपाठी कार्यालय पहुंचीं और धरने पर बैठ गईं। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पति के खिलाफ साजिश के तहत झूठा मुकदमा दर्ज कराया गया है और उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है।
आकांक्षा त्रिपाठी का आरोप है कि एक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) के इशारे पर उनके पति को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस विवाद को आधार बनाकर कार्रवाई की जा रही है, उसमें डॉ. पीयूष त्रिपाठी की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं थी। उनके अनुसार यह विवाद किसी अन्य व्यक्ति और सीएचओ के बीच हुआ था, जिसका दोनों पक्षों के बीच समझौता भी हो चुका है। इसके बावजूद उनके पति को पद से हटाने और उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से उन्हें मामले में फंसाया जा रहा है।
उन्होंने यह भी दावा किया कि लगातार मानसिक दबाव और विभागीय प्रताड़ना के कारण उनके पति का स्वास्थ्य बिगड़ गया है। हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। आकांक्षा त्रिपाठी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उनके पति के साथ कोई अनहोनी होती है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी की होगी।
वहीं, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जय गोविंद ने सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है। उनका कहना है कि इस प्रकरण में उनकी कोई व्यक्तिगत भूमिका नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीएचओ और संबंधित पक्षों के बीच हुए विवाद के आधार पर पुलिस ने अपने स्तर पर मुकदमा दर्ज किया है और आगे की कार्रवाई भी पुलिस द्वारा की जा रही है।
फिलहाल डॉक्टर की पत्नी के आरोपों और सीएमओ के इनकार के बीच मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। अब इस पूरे प्रकरण में पुलिस जांच और स्वास्थ्य विभाग की आगामी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।


