Digital Panchayat: हिमाचल प्रदेश में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को और ज्यादा पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब राज्य की ग्राम सभाओं में होने वाली हर गतिविधि पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की नजर रहेगी। पहली बार ग्राम सभाओं में लोगों की भागीदारी मोबाइल एप के जरिए दर्ज की जाएगी, जिससे यह साफ पता चल सकेगा कि बैठक में कौन-कौन शामिल हुआ और वहां क्या-क्या प्रक्रिया अपनाई गई। Digital Panchayat
सरकार का मानना है कि इस नई व्यवस्था से फर्जी उपस्थिति, गलत रिकॉर्ड और अपात्र लोगों को योजना का लाभ मिलने जैसी शिकायतों पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकेगी। साथ ही जरूरतमंद परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी तरीके से पहुंच सकेगा। Digital Panchayat
मोबाइल ऐप से दर्ज होगी पूरी ग्राम सभा
नई व्यवस्था के तहत ग्राम सभा के दौरान अधिकृत अधिकारी मोबाइल एप का इस्तेमाल करेंगे। इसी एप के माध्यम से बैठक में मौजूद लोगों की भागीदारी दर्ज की जाएगी। एप में बैठक की तस्वीरें, समय, तारीख और लोकेशन अपने आप रिकॉर्ड होगी। इससे यह साबित हो सकेगा कि बैठक तय स्थान और तय समय पर ही हुई थी। AI तकनीक इन सभी जानकारियों का विश्लेषण करेगी और अगर किसी तरह की गड़बड़ी या संदिग्ध गतिविधि सामने आती है तो उसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुंच जाएगी। इससे रिकॉर्ड में हेराफेरी करना आसान नहीं रहेगा। Digital Panchayat
ड्राफ्ट सूची पर होगी खुली चर्चा
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के नए सर्वे के तहत तैयार की गई ड्राफ्ट सूची भी ग्राम सभा में रखी जाएगी। ग्रामीणों के सामने पूरी सूची पढ़कर सुनाई जाएगी और अगर किसी पात्र परिवार का नाम छूट गया हो या किसी अपात्र व्यक्ति का नाम शामिल हो गया हो तो लोग वहीं अपनी आपत्ति दर्ज करा सकेंगे। ग्राम सभा में मिलने वाले सुझावों और आपत्तियों के आधार पर सूची में जरूरी बदलाव किए जाएंगे, ताकि अंतिम सूची पूरी तरह निष्पक्ष और सही हो। Digital Panchayat
फर्जीवाड़े पर लगेगी रोक
अक्सर शिकायतें मिलती थीं कि कुछ जगहों पर ग्राम सभाएं केवल कागजों में दिखा दी जाती थीं या फिर बिना बैठक किए ही रिकॉर्ड तैयार कर लिया जाता था। कई बार गलत लोगों को योजना का लाभ भी मिल जाता था। अब AI आधारित निगरानी और मोबाइल एप की मदद से ऐसी गड़बड़ियों पर काफी हद तक रोक लगने की उम्मीद है।
सरकार का कहना है कि हर गतिविधि का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से जवाबदेही भी तय होगी और पूरी प्रक्रिया पहले से ज्यादा पारदर्शी बनेगी। Digital Panchayat
जरूरतमंद परिवारों को मिलेगा सही फायदा
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) का उद्देश्य ऐसे परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराना है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अभी भी कच्चे या जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं। नई डिजिटल व्यवस्था के जरिए यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि योजना का लाभ केवल वास्तविक पात्र परिवारों तक ही पहुंचे। Digital Panchayat
डिजिटल हिमाचल की ओर एक और कदम
हिमाचल प्रदेश लगातार सरकारी योजनाओं में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ा रहा है। अब ग्राम सभाओं में AI और मोबाइल एप की एंट्री को इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे न सिर्फ योजनाओं की निगरानी मजबूत होगी बल्कि ग्रामीण विकास की प्रक्रिया भी ज्यादा पारदर्शी, जवाबदेह और भरोसेमंद बन सकेगी।आने वाले समय में यदि यह व्यवस्था सफल रहती है तो इसे अन्य सरकारी योजनाओं और राज्यों में भी लागू किया जा सकता है। सरकार को उम्मीद है कि तकनीक की मदद से योजनाओं का लाभ सही लोगों तक समय पर पहुंचेगा और ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।Digital Panchayat
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