स्कूल के दिनों को याद करें तो किताबों और परीक्षाओं से ज्यादा कुछ चेहरे याद आते हैं। कोई ऐसा शिक्षक, जो होमवर्क पूरा न करने पर पूरी क्लास के सामने डांट देता था। कोई ऐसा, जो कम नंबर आने पर कहता था- अगली बार इससे बेहतर करना। और कोई ऐसा, जिसने शायद सबसे पहले यह भरोसा जताया था कि हम कुछ कर सकते हैं। समय के साथ स्कूल छूट जाता है, क्लास बदल जाती है और जिंदगी अपनी रफ्तार पकड़ लेती है। लेकिन कुछ शिक्षकों की बातें वहीं की वहीं रह जाती हैं। कई बार सालों बाद भी उनकी कही कोई छोटी-सी बात अचानक याद आ जाती है। शायद यही एक शिक्षक की सबसे बड़ी पहचान है।
हर साल 5 सितंबर को देश में शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन भारत के पूर्व राष्ट्रपति, शिक्षाविद और दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के मौके पर मनाया जाता है। उनका जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था। शिक्षक के रूप में उनके योगदान को देखते हुए उनके जन्मदिन को शिक्षकों के सम्मान के दिन के तौर पर मनाने की परंपरा शुरू हुई।
वो डांट, जो उस समय बुरी लगती थी
स्कूल में शिक्षक की डांट शायद ही किसी छात्र को अच्छी लगती हो। उस वक्त लगता था कि आखिर इतनी डांट क्यों पड़ रही है। लेकिन जब वही छात्र बड़ा होता है तो कई बार समझ आता है कि उस डांट के पीछे गुस्सा कम और चिंता ज्यादा थी। पढ़ाई में लापरवाही करने पर रोकना, समय पर काम पूरा करने की आदत डालना या गलत व्यवहार पर समझाना… ये छोटी बातें लग सकती हैं, लेकिन बच्चों के व्यक्तित्व को बनाने में इनका बड़ा असर होता है। हर शिक्षक का पढ़ाने का तरीका अलग होता है। कोई सख्त होता है, कोई दोस्त की तरह समझाता है और कोई ऐसा होता है जिसके सामने छात्र अपनी हर परेशानी आसानी से बता देता है। लेकिन मकसद अक्सर एक ही होता है- छात्र को आगे बढ़ते देखना।
कुछ शिक्षक विषय नहीं, जिंदगी पढ़ाते हैं
एक शिक्षक का काम सिर्फ यह बताना नहीं है कि किताब में क्या लिखा है। असल चुनौती तब आती है, जब सामने बैठा छात्र किसी बात को लेकर परेशान हो, खुद पर भरोसा खो रहा हो या अपने भविष्य को लेकर उलझन में हो। ऐसे समय में शिक्षक की एक बातचीत भी बहुत मायने रखती है। किसी छात्र को मंच पर बोलने का पहला मौका शिक्षक देता है। किसी को खेल में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करता है। किसी की लिखने की क्षमता पहचानकर उसे प्रतियोगिता में भेजता है। और कई बार कोई शिक्षक सिर्फ इतना कह देता है- “तुम कर सकते हो।” शायद सुनने में यह सिर्फ चार शब्द हैं, लेकिन किसी बच्चे के लिए ये चार शब्द बहुत बड़ी ताकत बन सकते हैं।
सालों बाद भी याद रहती है शिक्षक की कही बात
स्कूल खत्म होने के बाद जिंदगी आगे बढ़ जाती है। दोस्त अलग हो जाते हैं, कॉलेज बदल जाता है और फिर नौकरी का दौर शुरू हो जाता है। इस दौरान स्कूल के कई चेहरे धुंधले पड़ जाते हैं, लेकिन कुछ शिक्षक हमेशा याद रहते हैं।किसी को अपनी पहली क्लास टीचर याद रहती हैं। किसी को वह शिक्षक याद रहता है जिसने पहली बार उसकी तारीफ की थी। किसी को वह अध्यापक याद आता है जिसने खराब नंबर आने पर डांटने के बजाय दोबारा कोशिश करने को कहा था। शिक्षक दिवस पर जब पुराने छात्र अपने शिक्षकों को फोन या मैसेज करते हैं, तो उनके लिए शायद इससे बड़ा कोई तोहफा नहीं होता।
आज के दौर में शिक्षक के सामने नई चुनौतियां
आज पढ़ाई का तरीका काफी बदल चुका है। छात्रों के पास किताबों के साथ इंटरनेट, ऑनलाइन क्लास, वीडियो और कई तरह के दूसरे साधन मौजूद हैं। किसी सवाल का जवाब ढूंढने में अब घंटों नहीं लगते।लेकिन जानकारी मिल जाना और उसे सही तरीके से समझना दो अलग बातें हैं। यहीं शिक्षक की भूमिका सामने आती है। शिक्षक छात्र को यह समझने में मदद करता है कि क्या सही है, क्या गलत है और किसी जानकारी को किस तरह इस्तेमाल किया जाना चाहिए। वह सिर्फ जवाब नहीं देता, बल्कि सवाल पूछना भी सिखाता है।
शिक्षक दिवस पर सबसे बड़ा सम्मान क्या है?
शिक्षक दिवस पर स्कूलों में कार्यक्रम होते हैं। बच्चे अपने शिक्षकों के लिए कार्ड बनाते हैं, भाषण देते हैं और उन्हें शुभकामनाएं देते हैं। ये सब अपनी जगह खास है। लेकिन किसी शिक्षक के लिए शायद सबसे बड़ी खुशी तब होती है, जब उसका कोई पुराना छात्र जिंदगी में कुछ अच्छा करता है और वापस आकर कहता है- “सर, मैम, आपकी वजह से मैं यहां तक पहुंच पाया।” एक शिक्षक के लिए इससे बड़ी उपलब्धि शायद ही कुछ हो।
एक शिक्षक की असली कमाई
शिक्षक की नौकरी सिर्फ वेतन या क्लास लेने तक सीमित नहीं होती। कई शिक्षक अपने छात्रों के नाम, उनकी कमजोरियां और उनकी खूबियां सालों तक याद रखते हैं। छात्र स्कूल छोड़कर आगे बढ़ जाते हैं, लेकिन शिक्षक की चिंता कई बार वहीं रहती है। कौन पास हुआ, कौन आगे पढ़ रहा है, किसे नौकरी मिली और कौन अपने सपने पूरे कर रहा है- ये बातें भी शिक्षकों के लिए मायने रखती हैं। इसलिए शिक्षक दिवस सिर्फ शिक्षकों को बधाई देने का दिन नहीं है। यह उस रिश्ते को याद करने का दिन है, जिसमें एक व्यक्ति पढ़ाता है और दूसरा उससे सिर्फ विषय नहीं, बल्कि जिंदगी जीने का तरीका भी सीखता है।
आज अगर आपकी जिंदगी में भी कोई ऐसा शिक्षक है, जिसकी कही बात आपको अब तक याद है, तो उसे सिर्फ सोशल मीडिया स्टेटस में याद करने के बजाय एक बार फोन करके धन्यवाद कह दीजिए। हो सकता है आपके लिए वह सिर्फ एक छोटा-सा फोन कॉल हो, लेकिन आपके शिक्षक के लिए यही इस शिक्षक दिवस का सबसे खास पल बन जाए।

