नई दिल्ली/इंफाल: एक बार फिर Manipur violence की घटनाओं ने राज्य में शांति बहाली के प्रयासों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। राज्य के सीमावर्ती आदिवासी क्षेत्र में कई घरों को आग के हवाले किए जाने के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मणिपुर में लगातार हो रही हिंसा और आगजनी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “विभाजनकारी विचारधारा” का परिणाम है। Manipur violence
आदिवासी गांव में आगजनी, कई परिवार बेघर
जानकारी के अनुसार, मणिपुर के पूर्वी हिस्से में स्थित फाइमोल (Phaimol) गांव, जो कुकी-जो समुदाय का एक छोटा आदिवासी गांव है, वहां अज्ञात लोगों ने देर रात कई घरों में आग लगा दी। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक करीब 20 घर पूरी तरह जलकर राख हो गए, जबकि कई अन्य मकानों को भी नुकसान पहुंचा। आग लगने के बाद पूरे गांव में अफरा-तफरी मच गई और लोगों को अपनी जान बचाकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागना पड़ा। यह गांव चासद पुलिस थाना क्षेत्र से लगभग 45 किलोमीटर दूर और अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट स्थित है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, सुरक्षा बल और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती कर दी गई है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। Manipur violence
राहुल गांधी ने केंद्र सरकार को घेरा
घटना के बाद राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के माध्यम से केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मणिपुर पिछले कई वर्षों से हिंसा की आग में जल रहा है, लेकिन सरकार अब तक स्थायी समाधान निकालने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि एक बार फिर दर्जनों परिवारों के आशियाने नफरत और हिंसा की आग में जल गए हैं। राहुल गांधी का आरोप है कि समाज में बढ़ती नफरत और विभाजन की राजनीति का सबसे बड़ा खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि केवल बयान देने के बजाय राज्य में शांति और विश्वास बहाली के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। Manipur violence
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जांच में जुटी सुरक्षा एजेंसियां
घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि आगजनी के पीछे कौन लोग थे और इसका उद्देश्य क्या था। फिलहाल किसी संगठन या समूह ने इस घटना की जिम्मेदारी नहीं ली है।
अधिकारियों का कहना है कि प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है तथा राहत और पुनर्वास की व्यवस्था की जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। Manipur violence
मणिपुर में शांति बहाली अब भी बड़ी चुनौती
मणिपुर लंबे समय से जातीय तनाव और हिंसा से जूझ रहा है। राज्य में समय-समय पर आगजनी, गोलीबारी और हिंसक झड़पों की घटनाएं सामने आती रही हैं। केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने तथा शांति स्थापित करने के कई प्रयास किए गए हैं, लेकिन छिटपुट हिंसक घटनाएं अब भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। ताजा घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि राज्य में स्थायी शांति कैसे स्थापित की जाए और प्रभावित लोगों का भरोसा कैसे लौटाया जाए। राजनीतिक दल भी इस मुद्दे पर आमने-सामने आ गए हैं, जबकि स्थानीय लोग सुरक्षा, न्याय और सामान्य जीवन की बहाली की मांग कर रहे हैं। Manipur violence
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