मुंबई: फिल्म इंडस्ट्री में पहचान बनाना आसान नहीं होता, खासकर तब जब कोई कलाकार छोटे शहर से निकलकर मुंबई की चकाचौंध भरी दुनिया में अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहा हो। ऐसे में अगर किसी बड़े फिल्ममेकर का भरोसा मिल जाए तो यह सफर थोड़ा आसान जरूर हो जाता है। संगीतकार साधु तिवारी के लिए भी कुछ ऐसा ही रहा है। उनके इस सफर में फिल्ममेकर राज शांडिल्य का साथ खास रहा है। राज शांडिल्य और साधु तिवारी की साथ काम करने की शुरुआत ‘जनहित में जारी’ से हुई थी। इसी फिल्म के दौरान राज शांडिल्य ने साधु तिवारी के काम और उनकी प्रतिभा को करीब से देखा।
उन्होंने उन्हें अपनी फिल्म में सिर्फ मौका ही नहीं दिया, बल्कि एक जिम्मेदारी भी सौंपी, ताकि वह अपनी काबिलियत को बड़े स्तर पर दिखा सकें। साधु तिवारी ने भी इस भरोसे को हल्के में नहीं लिया। उन्होंने अपने काम के जरिए यह साबित करने की कोशिश की कि उन्हें मिला मौका सही हाथों में था। यही वजह रही कि ‘जनहित में जारी’ के बाद दोनों के बीच काम का यह रिश्ता आगे भी बना रहा।
‘जनहित में जारी’ में मिला अच्छा मौका बना आगे की राह
साधु तिवारी के लिए ‘जनहित में जारी’ एक खास प्रोजेक्ट रहा। फिल्म के दौरान राज शांडिल्य ने उनके हुनर को पहचाना और उन्हें फिल्म से जुड़े काम में एक अच्छा मौका और जिम्मेदारी दी, ताकि वह अपनी क्रिएटिविटी को बड़े प्लेटफॉर्म पर दिखा सकें। साधु तिवारी ने भी इस मौके का पूरा फायदा उठाया और अपने काम से राज शांडिल्य का भरोसा कायम रखा। उन्होंने मिले मौके को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए इस्तेमाल किया और अपने काम से प्रभावित किया। इसके बाद दोनों की प्रोफेशनल बॉन्डिंग और मजबूत होती गई।
‘हनुमान अंश’ में भी दिखा साधु तिवारी का काम
अब साधु तिवारी ‘हनुमान अंश’ से भी जुड़े हैं। फिल्म में उनके काम को लेकर चर्चा हो रही है। इसी बीच राज शांडिल्य ने साधु तिवारी के काम की तारीफ की है। उन्होंने जिस तरह से उनके हुनर को सराहा, उससे साफ है कि वह साधु तिवारी की क्रिएटिविटी और मेहनत को काफी करीब से समझते हैं। राज शांडिल्य की तारीफ साधु तिवारी के लिए इसलिए भी खास है क्योंकि यह किसी नए कलाकार को मौका देने तक सीमित कहानी नहीं है। ‘जनहित में जारी’ में मिले अच्छे मौके और जिम्मेदारी से शुरू हुआ भरोसा अब ‘हनुमान अंश’ तक पहुंच चुका है।
छोटे शहर से आए साधु तिवारी के लिए बड़ा सफर
साधु तिवारी का सफर उन कलाकारों की कहानी जैसा है, जो बिना किसी बड़े फिल्मी बैकग्राउंड के इंडस्ट्री में अपना नाम बनाने की कोशिश करते हैं। ऐसे कलाकारों के लिए एक सही मौका कई दरवाजे खोल सकता है। राज शांडिल्य खुद भी छोटे शहर की पृष्ठभूमि से आते हैं। शायद यही वजह है कि वह नए और जमीनी टैलेंट को समझने और उन्हें मौका देने में दिलचस्पी रखते हैं। साधु तिवारी को ‘जनहित में जारी’ में अच्छा मौका और जिम्मेदारी देना और फिर ‘हनुमान अंश’ में उनके काम की तारीफ करना इसी सोच की झलक देता है।
राज शांडिल्य की तारीफ ने बढ़ाया साधु तिवारी का हौसला
साधु तिवारी के लिए यह सफर अभी जारी है। ‘जनहित में जारी’ में मिले अच्छे मौके से लेकर ‘हनुमान अंश’ तक उनका काम लगातार आगे बढ़ रहा है। वहीं राज शांडिल्य का भरोसा और उनकी तारीफ इस बात का संकेत है कि साधु तिवारी ने अपनी मेहनत से एक ऐसा रिश्ता बनाया है, जिसमें सिर्फ मौका ही नहीं, बल्कि कलाकार के काम की कद्र भी है।
एक फिल्म से शुरू हुई यह साझेदारी अब आगे बढ़ चुकी है। ‘जनहित में जारी’ ने साधु तिवारी को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए एक अच्छा प्लेटफॉर्म और जिम्मेदारी दी, तो ‘हनुमान अंश’ में उनका काम इस सफर की अगली कड़ी बनकर सामने आया है।


