रक्षाबंधन के मौके पर अपने भाई की कलाई पर राखी बांधने के लिए घर से निकली महिलाओं के लिए उत्तर प्रदेश सरकार की निशुल्क बस यात्रा योजना काफी मददगार साबित हुई। त्योहार के पहले ही दिन प्रदेशभर में 9 लाख से ज्यादा यात्रियों ने सरकारी बसों से सफर किया। इनमें बड़ी संख्या महिलाओं की रही, जिन्हें रक्षाबंधन पर बिना किराया दिए अपने गंतव्य तक पहुंचने की सुविधा मिली।
रक्षाबंधन पर हर साल बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके जाती हैं। ऐसे में बसों और ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ बढ़ जाती है। इस बार भी सुबह से ही बस अड्डों पर यात्रियों की भीड़ नजर आई। कई महिलाएं बच्चों और परिवार के दूसरे सदस्यों के साथ बसों में सफर करती दिखाई दीं। सरकार की मुफ्त यात्रा सुविधा ने ऐसे परिवारों के लिए आने-जाने का खर्च कम कर दिया।
पहले दिन ही 9 लाख से ज्यादा यात्रियों ने किया सफर
परिवहन निगम के आंकड़ों के मुताबिक, रक्षाबंधन के पहले दिन ही प्रदेश में 9 लाख से अधिक यात्रियों ने बसों का इस्तेमाल किया। महिलाओं के साथ उनके सहयात्रियों को भी योजना का लाभ मिला। यात्रियों की संख्या को देखते हुए परिवहन विभाग ने पहले से ही अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की थी, ताकि त्योहार के दौरान लोगों को बसों की कमी का सामना न करना पड़े। खासकर उन रूटों पर अतिरिक्त बसें लगाई गईं, जहां रक्षाबंधन के दौरान यात्रियों की संख्या तेजी से बढ़ने की संभावना थी। प्रमुख बस अड्डों पर अतिरिक्त कर्मचारियों और निगरानी टीमों की तैनाती भी की गई।
मुरादाबाद में सबसे ज्यादा यात्रियों ने उठाया फायदा
रक्षाबंधन की मुफ्त बस यात्रा का सबसे ज्यादा असर मुरादाबाद क्षेत्र में देखने को मिला। यहां बड़ी संख्या में महिलाओं और अन्य यात्रियों ने रोडवेज बसों से सफर किया। सुबह से ही बस स्टैंड पर यात्रियों की भीड़ जुटने लगी थी। कई महिलाओं का कहना था कि रक्षाबंधन के मौके पर मायके जाना जरूरी होता है, लेकिन आने-जाने का किराया कई बार बजट पर भारी पड़ता है। ऐसे में मुफ्त बस यात्रा से उन्हें काफी राहत मिली। खासकर ग्रामीण इलाकों से शहरों और दूसरे जिलों में जाने वाली महिलाओं के लिए यह सुविधा काफी काम आई।
भीड़ को देखते हुए बढ़ाई गई बसों की संख्या
रक्षाबंधन पर यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए परिवहन निगम ने सामान्य दिनों के मुकाबले ज्यादा बसों का संचालन किया। प्रमुख रूटों पर बसों के फेरे भी बढ़ाए गए, ताकि बस अड्डों पर ज्यादा देर तक यात्रियों को इंतजार न करना पड़े। अधिकारियों की ओर से बसों के संचालन पर लगातार नजर रखी गई। जिन रूटों पर ज्यादा भीड़ दिखाई दी, वहां जरूरत के हिसाब से अतिरिक्त बसें भेजी गईं। बस अड्डों पर यात्रियों की मदद के लिए कर्मचारी और पर्यवेक्षक भी तैनात रहे।
महिलाओं को मिली बड़ी राहत
रक्षाबंधन सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ा खास दिन है। इस दिन बड़ी संख्या में महिलाएं अपने मायके पहुंचती हैं। ऐसे में मुफ्त बस यात्रा की सुविधा ने उनके सफर को आसान बनाने का काम किया। सरकार की इस व्यवस्था का मकसद त्योहार के दौरान महिलाओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा उपलब्ध कराना है। परिवहन निगम की बसों में बढ़ी भीड़ के बावजूद अतिरिक्त बसों और कर्मचारियों की व्यवस्था से यात्रियों को राहत देने की कोशिश की गई।
31 अगस्त तक जारी रहेगी व्यवस्था
रक्षाबंधन को देखते हुए परिवहन निगम की ओर से विशेष व्यवस्था 31 अगस्त तक जारी रखने की तैयारी है। इस दौरान ज्यादा से ज्यादा बसों का संचालन करने और प्रमुख बस स्टेशनों पर अतिरिक्त कर्मचारियों की तैनाती की व्यवस्था की गई है। पहले दिन ही 9 लाख से ज्यादा यात्रियों का सफर यह बताता है कि त्योहार के दौरान रोडवेज बसें लोगों के लिए कितनी बड़ी जरूरत बनी हुई हैं। आने वाले दिनों में भी यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए परिवहन विभाग ने बस संचालन और निगरानी व्यवस्था पर फोकस बनाए रखने की बात कही है।

