बेंगलुरु: दलीप ट्रॉफी 2026 (Duleep Trophy 2026) के फाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन (Ishan Kishan) ने गर्दा उड़ा दिया है। ईशान ने ऐतिहासिक पारी खेलते हुए 270 रन बनाए लेकिन वो तिहरे शतक से चूक गए।

चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे फाइनल मैच में ईशान ने कप्तानी पारी खेलते हुए 334 गेंदों का सामना किया और इस दौरान 30 चौके और सात छक्के लगाए। अगर इसे ओवरों में देखें तो ईशान ने पचास ओवर से भी ज्यादा बैटिंग अकेले की।

दरअसल ईशान किशन 250 रन बनाने के बाद रिटायर्ड हर्ट हो गए थे लेकिन उसके बाद दोबारा बल्लेबाजी करने उतरे। हालांकि इस दौरान किशन अपने स्कोर में सिर्फ 20 रन ही जोड़ सके और गेंदबाज त्रिपुराना विजय ने उन्हें अपना शिकार बना लिया। ईस्ट जोन ने फाइनल मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करते हुए 708 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया है।

ईशान ने बनाया रिकॉर्ड

खासबात ये है कि ईशान किशन दलीप ट्रॉफी के फाइनल में 250 से ज्यादा का व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाले पहले कप्तान बन गए हैं। दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में इससे पहले सिर्फ दो ही कप्तान शतक लगा पाए हैं। इसमें एक अंशुमान गायकवाड़ ने वेस्ट जोन की कप्तानी करते हुए 1987 में शतक जड़ा था। गायकवाड़ ने नॉर्थ जोन के खिलाफ 216 रनों की पारी खेली थी। दूसरे बल्लेबाज रमन लांबा हैं।

ईशान ने पुजारा और यशस्वी को पछाड़ा

ईशान ने 270 रनों की पारी खेलकर टेस्ट क्रिकेट के शानदार बल्लेबाज रहे चेतेश्वर पुजारा को भी पछाड़ दिया है। इतना ही नहीं उन्होंने यशस्वी जयसवाल को भी अपनी बल्लेबाजी से पीछे छोड़ दिया है। इससे पहले साल 2016 में पुजारा ने घरेलू टूर्मानेंट में इंडिया रेड के खिलाफ फाइनल में 256 रनों की पारी खेली थी। वहीं दलीप टॉफी में सबसे बड़े व्यक्तिगत स्कोर का रिकॉर्ड अभी भी रमन लांबा के नाम है। उन्होंने खिताबी मुकाबले में 471 गेंदों पर 320 रन बटोरे थे।

साउथ जोन को दिया बड़ा टार्गेट

अब साउथ जोन के लिए ये लक्ष्य किसी पहाड़ चढ़ने से कम नहीं है। इसके अलावा ईस्ट जोन की तरफ से कुमार कुशाग्र ने भी शतक जड़ा जबकि टीम के दूसरे स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने फाइनल मुकाबले में 44 रन बनाए। वहीं दूसरे ओपनर अभिमन्यु ईश्वरन ने 72 रनों की पारी खेली। अभी साउथ जोन ने अपनी बल्लेबाजी शुरू नहीं की है।

रिपोर्ट: कुणाल कौशल

 

 

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