अयोध्या: राम मंदिर में चढ़ावे की रकम से कथित चोरी के मामले में जेल में बंद सभी आठ आरोपितों को फिलहाल राहत नहीं मिली है। शनिवार को विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की अदालत ने सभी आरोपितों की न्यायिक हिरासत एक बार फिर 14 दिनों के लिए बढ़ा दी। अब सभी आरोपित 18 सितंबर तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे।
शनिवार को जेल में निरुद्ध आठों आरोपितों को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अदालत के सामने पेश किया गया। इनमें अविनाश शुक्ल, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्र, अनुकल्प मिश्र, लवकुश मिश्र, करुणेश पांडेय, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाषचंद्र श्रीवास्तव शामिल हैं। अदालत में पेशी के बाद उनकी न्यायिक रिमांड को आगे बढ़ाने का आदेश दिया गया।
सातवीं बार बढ़ाई गई न्यायिक रिमांड
इस मामले में आरोपितों की न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने का यह सातवां मौका है। लगातार रिमांड बढ़ने के बावजूद अभी तक पुलिस की ओर से अदालत में आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है। मामले की विवेचना जारी है और पुलिस अलग-अलग पहलुओं की जांच में जुटी हुई है। बताया गया है कि मामले में पुलिस को विवेचना करते हुए करीब 72 दिन हो चुके हैं। इसके बावजूद जांच पूरी नहीं हो सकी है। अब सभी आरोपितों को 18 सितंबर तक जेल में रहना होगा। पुलिस की जांच पूरी होने और आरोप पत्र दाखिल किए जाने के बाद ही मामले की अगली कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
वीडियो कांफ्रेंसिंग से हुई पेशी
शनिवार को सभी आरोपितों को सुरक्षा कारणों के चलते जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत के समक्ष पेश किया गया। अदालत ने मामले की स्थिति और न्यायिक प्रक्रिया को देखते हुए सभी की हिरासत 14 दिन और बढ़ा दी। आरोपितों की लगातार न्यायिक हिरासत बढ़ाए जाने के बीच अब नजर पुलिस की विवेचना पर है। जांच एजेंसी को यह तय करना है कि मामले में किन लोगों की भूमिका सामने आती है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे क्या कार्रवाई की जाती है।
72 दिन से चल रही है जांच
राम मंदिर चढ़ावा चोरी से जुड़े इस मामले की जांच को करीब 72 दिन बीत चुके हैं। पुलिस की ओर से अभी तक आरोप पत्र दाखिल नहीं किया गया है। ऐसे में जांच की प्रगति और आरोप पत्र दाखिल होने की समय-सीमा पर भी निगाह बनी हुई है। कानूनी प्रक्रिया के तहत फिलहाल सभी आठों आरोपित न्यायिक हिरासत में हैं। अदालत ने उनकी रिमांड 14 दिन के लिए बढ़ाते हुए अगली अवधि 18 सितंबर तक निर्धारित की है। अब अगली पेशी में यह देखना होगा कि पुलिस विवेचना को लेकर अदालत के सामने क्या स्थिति रखती है और आरोप पत्र दाखिल करने की दिशा में जांच कहां तक पहुंची है।
मामले में आगे क्या होगा?
पुलिस की जांच जारी है और आरोपित जेल में हैं। आरोप पत्र दाखिल होने के बाद ही मामले में आगे की न्यायिक प्रक्रिया तेज होगी। यदि जांच के दौरान नए तथ्य सामने आते हैं तो पुलिस उनके आधार पर भी कार्रवाई कर सकती है। वहीं, अदालत में अगली सुनवाई के दौरान आरोपितों की न्यायिक हिरासत को लेकर फिर फैसला लिया जाएगा। इस पूरे मामले में अब सबसे ज्यादा नजर पुलिस की विवेचना पूरी होने और आरोप पत्र दाखिल किए जाने पर है। 18 सितंबर को होने वाली अगली कार्रवाई से यह स्पष्ट हो सकता है कि जांच किस दिशा में आगे बढ़ी है।


