बुलंदशहर: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से एक दुखद खबर सामने आई है। शिकारपुर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और प्रदेश सरकार में पूर्व मंत्री रहे अनिल शर्मा का निधन हो गया है। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे और दिल्ली के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उनकी हालत बिगड़ने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
अनिल शर्मा के निधन की खबर सामने आते ही बुलंदशहर और शिकारपुर क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और उनके परिचितों में मायूसी है। स्थानीय लोगों के बीच भी उनके निधन की खबर तेजी से फैल गई और बड़ी संख्या में लोग उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने पहुंचने लगे।
लंबे समय से चल रहा था इलाज
बताया जा रहा है कि अनिल शर्मा पिछले कुछ समय से कैंसर की बीमारी से पीड़ित थे। स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों के चलते उनका इलाज दिल्ली के अस्पताल में चल रहा था। डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार किया जा रहा था, लेकिन बुधवार को उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई और उनका निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शोक व्यक्त किया। सोशल मीडिया पर भी समर्थकों और पार्टी नेताओं की ओर से श्रद्धांजलि देने का सिलसिला शुरू हो गया।
शिकारपुर से भाजपा विधायक थे अनिल शर्मा
अनिल शर्मा शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के विधायक थे। क्षेत्र की राजनीति में उनकी सक्रियता लंबे समय से रही थी। विधायक के तौर पर उन्होंने स्थानीय मुद्दों को विधानसभा में उठाया और क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों को लेकर भी सक्रिय रहे। उनके समर्थकों का कहना है कि वह अपने क्षेत्र के लोगों से सीधे संपर्क में रहते थे। चुनाव के दौरान ही नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी स्थानीय लोगों की समस्याएं सुनने और उन्हें संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाने का प्रयास करते थे।
योगी सरकार में मंत्री भी रह चुके थे
अनिल शर्मा उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके थे। मंत्री रहते हुए उन्होंने प्रदेश सरकार में अलग-अलग विभागों की जिम्मेदारियां निभाईं। इसके बाद भी वह सक्रिय राजनीति में बने रहे और शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते रहे। उनकी राजनीतिक पहचान भाजपा के वरिष्ठ और सक्रिय नेताओं में रही। क्षेत्र में पार्टी संगठन को मजबूत करने में भी उनकी भूमिका रही।
निधन की खबर से समर्थकों में शोक
अनिल शर्मा के निधन की खबर जैसे ही शिकारपुर और आसपास के इलाकों में पहुंची, उनके समर्थकों और परिचितों में शोक का माहौल बन गया। कई लोग उनके साथ बिताए पुराने समय को याद करते नजर आए। स्थानीय कार्यकर्ताओं के लिए भी यह खबर किसी बड़े झटके से कम नहीं है। लंबे समय से राजनीति में सक्रिय रहने के कारण क्षेत्र में उनका व्यापक जनसंपर्क था। यही वजह है कि उनके निधन से राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम लोगों में भी शोक है।
राजनीतिक सफर में बनाई अलग पहचान
अनिल शर्मा ने लंबे राजनीतिक सफर के दौरान संगठन और चुनावी राजनीति दोनों में काम किया। शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र में उनकी पकड़ मजबूत मानी जाती थी। विधायक के रूप में उन्होंने क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर लगातार आवाज उठाई। उनके निधन से भाजपा ने एक सक्रिय जनप्रतिनिधि और अनुभवी राजनीतिक कार्यकर्ता को खो दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि उनका जाना संगठन और क्षेत्र दोनों के लिए बड़ी क्षति है।
परिवार के लिए बेहद मुश्किल वक्त
अनिल शर्मा के निधन से उनके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बीमारी के दौरान परिवार के लोग लगातार उनके साथ रहे और इलाज के दौरान उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद कर रहे थे। लेकिन बुधवार को उनके निधन की खबर ने परिवार और करीबियों को गहरे सदमे में डाल दिया। उनके अंतिम संस्कार और अंतिम यात्रा को लेकर परिवार और स्थानीय प्रशासन की ओर से तैयारियां की जा रही हैं। उनके अंतिम दर्शन के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के लोगों के पहुंचने की संभावना है। अनिल शर्मा के निधन से शिकारपुर विधानसभा क्षेत्र ने अपने मौजूदा विधायक को खो दिया है। उनके जाने से इलाके की राजनीति में भी एक बड़ा खालीपन पैदा हुआ है। समर्थक और स्थानीय लोग उन्हें उनके राजनीतिक योगदान और लोगों के बीच उनकी सक्रियता के लिए याद कर रहे हैं।


