झांसी जिले में साइबर ठगी का एक नया मामला सामने आया है, जिसमें एक शातिर ठग ने खुद को पुलिस इंस्पेक्टर बताकर लोगों को ठगने का खतरनाक खेल खेला। झांसी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कार्रवाई शुरु कर दी है। आरोपी खुद को फर्जी पुलिस अधिकारी राहुल पाण्डेय बताकर पीड़ितों को धमकी देता था कि उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसाकर जेल भेज दिया जाएगा। इसके बाद वह उनसे अपने खाते में पैसे ट्रांसफर करवा लेता था।
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना बरूआसागर की टीम ने इस मामले में कार्रवाई करते हुए आरोपी दीपक खगार (मूल निवाड़ी, मध्य प्रदेश) को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपी ने अपने आप को पुलिस इंस्पेक्टर बताते हुए लोगों को डराया-धमकाया और मुकदमे दर्ज कर जेल भेजने की धमकी दी। इसके बाद वह पीड़ितों से उनके बैंक खातों में रकम ट्रांसफर करवा लेता था।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ थाना बरूआसागर में मुकदमा संख्या 181/2026 दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी के मोबाइल की जांच में पता चला है कि वह इन धोखाधड़ी की घटनाओं को अंजाम देने के लिए तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल कर रहा था। पुलिस ने उसके मोबाइल से एक ओप्पो A77s मॉडल का मोबाइल भी जब्त किया है, जिसमें से कई संदिग्ध फाइलें और सूचनाएं मिली हैं।
पुलिस की माने तो आरोपी का मकसद पीड़ितों को डराना और फिर उनसे पैसा ऐंठना था। इस तरह के मामलों में अक्सर देखा गया है कि ठग लोग खुद को पुलिस अधिकारी या सरकारी कर्मचारी बताकर लोगों को भ्रमित कर उन्हें ठगी का शिकार बनाते हैं। झांसी पुलिस ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए, साइबर अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है और भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटने के लिए विशेष सतर्कता बरतने का संदेश दिया है।
आरोपी की गिरफ्तारी से जिले में साइबर ठगी के खिलाफ एक मजबूत संदेश गया है कि पुलिस की सतर्कता से अब इन जालसाजों को कड़ी जवाबी कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति से पैसे न करें और यदि कोई संदिग्ध गतिविधि हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
रिपोर्ट- हेमंत कुमार गुप्ता/सोनू सिंह


