महराजगंज: नेपाल के रसुवा जिले में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ ने महराजगंज के एक परिवार की खुशियां छीन ली हैं। नौतनवा तहसील क्षेत्र के चकदह गांव निवासी 30 साल के अब्दुल्लाह की जल प्रलय की चपेट में आने से मौत हो गई।
कई दिनों की तलाश के बाद परिजनों ने काठमांडू पहुंचकर फोटो के जरिए उसके शव की शिनाख्त की। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है, जबकि पूरे गांव में मातम पसरा हुआ है।
तीन महीने पहले काम की तलाश में गया था नेपाल
बताया जा रहा है कि अब्दुल्लाह करीब तीन महीने पहले रोजी-रोटी की तलाश में नेपाल के रसुवा जिले गया था। वहां वह हाइड्रोलिक क्रेन चालक के रूप में काम कर रहा था। इसी दौरान 26 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ की चपेट में वह आ गया।
बाढ़ की सूचना मिलने के बाद परिजन उसकी तलाश में नेपाल पहुंचे। कई दिनों तक खोजबीन के बाद काठमांडू में फोटो के माध्यम से शव की पहचान अब्दुल्लाह के रूप में हुई।
बेटे का शव देश वापस नहीं ला पाए परिजन
परिजनों के मुताबिक, पिता नेपाल के अधिकारियों से बेटे का शव सौंपने की गुहार लगाते रहे, लेकिन बताया गया कि कई शवों को पहले ही दफनाया जा चुका है। इसके बाद परिवार को भारी मन से खाली हाथ भारत लौटना पड़ा।
अब्दुल्लाह अपने पीछे पत्नी, दो मासूम बच्चों और बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ गया है। चकदह गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मुस्लिम रीति-रिवाज के अनुसार कुरान शरीफ की तिलावत कर मृतक के लिए दुआ की जा रही है। वहीं परिजनों और ग्रामीणों ने सरकार से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और हरसंभव मदद देने की मांग की है।
रिपोर्टर: ओंकार शुक्ला

