मिर्जापुर में विंध्याचल पुलिस ने अंतर्राज्यीय मोबाइल चोर गैंग के 7 युवकों को गिरफ्तार किया। गैंग का सरगना नाबालिग निकला, जो अंधा और भीख मंगा बनकर यात्रियों के समान गायब कर देता था। उनके कब्जे से करीब 3 लाख रुपये कीमत के 11 चोरी के मोबाइल बरामद किए हैं। आरोपी विंध्यवासिनी धाम, गंगा घाटों, रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में श्रद्धालुओं व यात्रियों के मोबाइल चोरी करते थे। एक रिपोर्ट

विंध्याचल थाना में सीओ सिटी अमित कुमार ने बताया कि रविवार तड़के मुखबिर से सूचना मिली कि चोरी के मोबाइल बेचने के लिए कुछ लोग पटेंगरा नाला रेलवे ओवरब्रिज के दक्षिणी हिस्से में एकत्र हुए हैं। सूचना पर विंध्याचल पुलिस ने घेराबंदी कर सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 10 एंड्रॉयड मोबाइल, एक आईफोन और 310 रुपये नकद बरामद किए गए। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये बताई गई है।

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे संगठित गिरोह बनाकर विंध्यवासिनी धाम, गंगा घाटों, रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में आने वाले श्रद्धालुओं और यात्रियों के मोबाइल चोरी करते थे। चोरी के मोबाइल ग्राहकों को बेचकर उससे मिलने वाली रकम आपस में बराबर-बराबर बांट लेते थे। पुलिस के अनुसार आरोपी चोरी के मोबाइल बेचने के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।
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मोबाइल चोरी की घटनाओं को देते थे अंजाम
विंध्याचल थाना पुलिस को लगातार मोबाइल चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्धों पर नजर रखी और कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस का कहना है कि आरोपी भीड़भाड़ वाले इलाकों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाते थे।

पुलिस कर रही आगे की जांच
गिरफ्तार आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गैंग ने अब तक कितनी वारदातों को अंजाम दिया है और इनके नेटवर्क में कौन-कौन लोग शामिल हैं। मिर्जापुर पुलिस की इस कार्रवाई से मोबाइल चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाने में मदद मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

रिपोर्ट | रामलाल साहनी ( मीरजापुर )

