रायबरेली जनपद के महराजगंज तहसील परिसर में उस समय हड़कंप मच गया जब आर्य नगर कस्बे की रहने वाली एक बुजुर्ग महिला ने अपने सौतेले बेटे के अत्याचारों से तंग आकर एसडीएम कार्यालय के ठीक बाहर आमरण अनशन शुरू कर दिया। न्याय की गुहार लगाती इस महिला का आरोप है कि उसके अपने ही घर में उसे दो वक्त की रोटी और छत नसीब नहीं हो रही है।

क्या है पूरा मामला?
पीड़ित महिला के अनुसार, उसके पति की मृत्यु के बाद से ही उसके सौतेले बेटे की नीयत डगमगा गई है। महिला का आरोप है कि सौतेले बेटे ने षड्यंत्र रचकर पति की पूरी संपत्ति अपने नाम करवा ली है और अब उसे घर से बाहर निकाल दिया है। बुजुर्ग महिला का कहना है कि बेटा न केवल उसे घर में रहने से रोक रहा है, बल्कि उसे खाना-पानी भी मुहैया नहीं कराया जा रहा है, जिससे उसके सामने जीवनयापन का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

न्याय की चौखट पर उपेक्षा
महिला ने बताया कि उसने इस बाबत स्थानीय पुलिस से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक कई बार शिकायत की, लेकिन हर बार उसे कोरे आश्वासन ही मिले। बार-बार थानों और दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी जब कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो हार मानकर उसने तहसील परिसर में ही अनशन पर बैठने का कठोर निर्णय लिया। एक बुजुर्ग महिला को भरी दोपहर में सड़क पर अनशन करते देख वहां मौजूद लोग प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाने लगे।

प्रशासन में मचा हड़कंप
तहसील परिसर में महिला के आमरण अनशन की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक गलियारों में खलबली मच गई। आनन-फानन में तहसील के आला अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया। एसडीएम चंद्र प्रकाश गौतम मौके पर पहुंचे और महिला से बातचीत की। उन्होंने पीड़िता को पूरी बात सुनने के बाद उचित जांच का भरोसा दिया और दोषी पक्ष पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।

‘बुढ़ापे में बेसहारा, अब न्याय की उम्मीद’
अनशन पर बैठी महिला का कहना है कि उसे अब प्रशासन से ही आखिरी उम्मीद है। उसने कहा, “पति के गुजरने के बाद सहारा देने के बजाय बेटे ने मुझे घर से बेदखल कर दिया है। मैं आखिर इतनी उम्र में कहां जाऊं?” स्थानीय निवासियों ने भी महिला के समर्थन में आवाज उठाई है और प्रशासन से मांग की है कि बुजुर्गों के अधिकारों की रक्षा करने वाले कानूनों (Senior Citizens Act) के तहत महिला को तुरंत उसका हक दिलाया जाए।

महिला

यह भी पढ़ें- नौकरों ने मालिक को नशीला पदार्थ खिलाकर की करोड़ों की चोरी

भविष्य की कार्रवाई
फिलहाल, एसडीएम के आश्वासन के बाद महिला ने अनशन तोड़ने पर विचार करने की बात कही है, लेकिन साथ ही स्पष्ट कर दिया है कि यदि इस बार भी उसे न्याय नहीं मिला, तो वह अनिश्चितकालीन अनशन जारी रखेगी। तहसील प्रशासन ने राजस्व विभाग के कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि वे संपत्ति के हस्तांतरण की प्रक्रिया की बारीकी से जांच करें। यह मामला समाज में बढ़ती पारिवारिक संवेदनहीनता और बुजुर्गों की सुरक्षा पर एक बड़ा सवाल खड़ा करता है।

रिपोर्ट- केशवानंद शुक्ला/सोनू सिंह

Share.
Leave A Reply

© 2026 Nation27

Exit mobile version