UP News: हरदोई में कोतवाली शहर क्षेत्र के रेलवे गंज में थोक किराना व्यापारी पंकज अग्रवाल के घर हुई करीब ढाई करोड़ रुपये की चोरी सिर्फ एक आपराधिक वारदात नहीं थी,बल्कि भरोसे के कत्ल की कहानी थी। जिन तीन कर्मचारियों पर कारोबारी ने घर और कारोबार की जिम्मेदारी सौंपी, पुलिस जांच के मुताबिक वही इस पूरी साजिश की सबसे अहम कड़ी निकले। UP News

घर के भीतर की हर जानकारी बाहर पहुंची, साजिश तैयार हुई और फिर एक रात में करोड़ों रुपये गायब हो गए।कई दिनों तक पुलिस के लिए यह मामला चुनौती बना रहा,लेकिन आखिरकार कोतवाली शहर पुलिस, स्वाट, सर्विलांस और एसओजी की संयुक्त टीम ने पूरे नेटवर्क का खुलासा करते हुए 14 आरोपियों को गिरफ्तार,दो बाल अपचारियों को पुलिस अभिरक्षा में लिया और ₹1,28,99,310 नकद बरामद कर लिया। UP News

आरोपी

पुलिस जांच के अनुसार,इस वारदात का मास्टरमाइंड टड़ियावां थाना क्षेत्र के बेलहा निवासी अजय शुक्ला है। उसके बहनोई पंकज अग्रवाल के यहां मुनीम थे और कारोबार के दौरान घर में बड़ी मात्रा में नकदी होने की जानकारी अजय तक पहुंचती रहती थी। पुलिस का कहना है कि इसी जानकारी ने करोड़ों की चोरी की नींव रखी। अजय ने सबसे पहले अपने साथियों विशाल उर्फ गोलू और बदन को योजना में शामिल किया। इसके बाद उसने पंकज अग्रवाल के यहां काम करने वाले ग्रामेडा निवासी शोभित और दो नाबालिग कर्मचारियों से संपर्क बढ़ाया। पान की दुकान पर होने वाली मुलाकातें धीरे-धीरे दोस्ती में बदली और फिर यही दोस्ती करोड़ों की चोरी की साजिश में बदल गई। UP News

अपर पुलिस अधीक्षक सुबोध गौतम

अपर पुलिस अधीक्षक सुबोध गौतम के मुताबिक, 16/17 जुलाई की रात योजना के तहत तीनों कर्मचारियों ने मालिक को नशीला पदार्थ खिलाया, जिससे वह गहरी नींद में सो गए। इसके बाद गिरोह ने अपने साथी नघेटा पूर्वी निवासी शिवम को पिकप डाला लेकर बुलाया।घर में रखे कैश से भरे बैग एक-एक कर वाहन में लादे गए और पूरा गिरोह रात के अंधेरे में हरदोई छोड़कर निकल गया। सुबह जब पंकज अग्रवाल की नींद खुली तो घर से करोड़ों रुपये गायब थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्य ने सबसे पहले घर के कर्मचारियों पर शक की सुई घुमाई और यहीं से इस हाई-प्रोफाइल जांच की असली शुरुआत हुई। UP News

बरामद रकम

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जांच आगे बढ़ी तो पुलिस आरोपियों के पीछे-पीछे लखनऊ के मड़ियाव तक पहुंच गई। यहां मास्टरमाइंड अजय शुक्ला ने अपने दोस्त महफूज उर्फ लाली (बाराबंकी) से संपर्क किया। महफूज ने अपने साथी अमान (हरिओम नगर, मड़ियाव) को साथ जोड़ लिया और उनके रहने का इंतजाम कराया।पुलिस के अनुसार, अजय शुक्ला पर पहले से चोरी के दो मुकदमे दर्ज हैं, जबकि अमान और महफूज उर्फ लाली का भी आपराधिक इतिहास सामने आया है। UP News

गिरोह ने इतनी बड़ी रकम को एक जगह रखने के बजाय कई हिस्सों में बांटकर अलग-अलग लोगों के यहां रखवा दिया, ताकि पुलिस को कोई बड़ा सुराग न मिल सके। लेकिन लगातार दबिश, तकनीकी साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस एक-एक ठिकाने तक पहुंचती गई और आरोपियों की निशानदेही पर ₹1,28,99,310 नकद बरामद कर लिया। बरामदगी में ₹500, ₹200 और ₹20, ₹10 के नोट शामिल हैं। UP News

आरोपी

पुलिस ने इस मामले में बेलाहा निवासी अजय शुक्ला और विशाल उर्फ गोलू, ग्रामेडा निवासी शोभित, नगेटा पूर्वी निवासी बदन, केशव, शिवम और नीरज, सुरसा क्षेत्र के बर्रा डाल सिंह निवासी परम किशोर, जमादार कॉलोनी निवासी सनी वाल्मीकि, बेहटा गोकुल के कोडरा सरैया निवासी प्रिंस, लखनऊ के मड़ियाव निवासी दीपक साहू, सनी गुप्ता और अमान, तथा बाराबंकी निवासी महफूज उर्फ लाली को गिरफ्तार किया है।इसके अलावा दो बाल अपचारियों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। UP News

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जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह के अधिकांश सदस्य मजदूरी करने वाले और पांचवीं कक्षा तक पढ़े-लिखे हैं। पुलिस का कहना है कि पेशेवर अपराधी न होने के बावजूद अंदरूनी जानकारी, लालच और सुनियोजित योजना के दम पर इन्होंने जिले की सबसे बड़ी चोरी की वारदातों में से एक को अंजाम देने की कोशिश की। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क, चोरी की शेष रकम और इस साजिश से जुड़े अन्य संभावित लोगों की भूमिका की जांच में जुटी हुई है। UP News

रिपोर्ट- आनंद त्रिवेदी/सोनू सिंह

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