शाहजहांपुर: उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर (Shahjahanpur) में एक दर्दनाक हादसा हुआ है। बीती रात हुई भारी बारिश के बाद जल भराव की वजह से दो बच्चों की गड्ढे में डूब कर दर्दनाक मौत हो गई। इस घटना को लेकर ग्रामीणों ने रेलवे विभाग पर घोर लापरवाही का आरोप लगाया है।
दरअसल यह घटना उस वक्त हुई जब खेल-खेल में नहाने पहुंचे 6 बच्चों में दो बच्चे पानी से भरे गड्ढे में डूब गए। इसके बाद ग्रामीण दोनों को लेकर निगोही सीएचसी पहुंचे जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
शाहजहांपुर में कैसे डूबे दो बच्चे
दरअसल निगोही थाना क्षेत्र के पतराजपुर गांव में आज सुबह कैमुआ नाले के पास गांव के बच्चे खेल-खेल में बरसात के भरे हुए पानी में नहाने पहुंचे थे। बीती रात हुई भारी बारिश से रेलवे विभाग द्वारा निकाली गई मिट्टी के बाद वहां गड्ढा हो गया था जो पानी से भरा हुआ था।
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पानी से भरा हुआ था गड्ढा
नहाते समय दो बच्चे विनय और करण इसी गहरे गड्ढे में चले गए जिसमें डूबने के कारण उनकी मौत हो गई। हालांकि परिजन दोनों को लेकर निगोही सीएचसी पहुंचे जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
दोनों बच्चों की मौत के बाद उनके परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है. वहीं क्षेत्रीय विधायक सलोन कुशवाहा और पूर्व विधायक रोशन लाल वर्मा भी परिवार को ढाढस बंधाने पहुंचे हैं। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और अभी तक इस मामले में कोई कानूनी कार्रवाई नहीं हुई है. वहीं परिजनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई चाहते हैं.
सोनपुर में मिला था युवती का शव
इससे पहले बीते दिनों सोनपुर में एक युवती का पानी में शव मिला था। रिपोर्ट के मुताबिक कनहर बांध में मंगलवार सुबह युवती का शव उतराता मिला था.
ग्रामीणों ने शव देखकर प्रशासन को सूचना दी थी। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद मृतका की पहचान 18 साल की अंजलि के रूप में हुई थी जो अमवार पुनर्वास कॉलोनी की रहने वाली थी.
जानकारी के मुताबिक अंजली सोमवार शाम से घर से लापता थी। आशंका है कि कनहर बांध में डूबने से युवती की मौत हुई थी। इसकी सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी थी.
सीतापुर में बाढ़ जैसे हालात
वहीं सीतापुर में लगातार बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। बसेती गांव के हालात बिल्कुल बाढ़ जैसे दिखाई दे रहे हैं। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण नहर में पानी बढ़ गया है। नहर को लगातार मछली माफिया और नहर माफिया काट रहे हैं। जिसकी वजह से ये हालात बने। अब नहर का पानी पहले खेतों में फिर तालाब में उसके बाद लोगों के घरों में भर रहा है। सैकड़ों लोगों की जान पर बन आयी है।
बसेती गांव के लेखपाल अरेन्द्र वर्मा पिछले 3 दिन से गांव में ही डेरा डाले बैठे हैं। कानून गो अशोक कुमार भी लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। गांव में भरा पानी कैसे निकले इसके लिए GCB से सड़क को काटा गया है। ताकि गांव में भरा हुआ पानी बाहर निकल सके। इसके बावजूद कोई अभी तक कोई राहत नहीं मिली है।
प्रशासन का कहना है मछली चोरी करने वाले और खेतों की सिचाई करने वाले नहरों को बांध देते हैं। ताकि नहर का पानी आगे न जाये और वो आसानी से मछली पकड़ सकें। यही वजह है पानी ओवर फ्लो होकर 3 गुना रफ्तार से गांव में भर जाता है। इनके खिलाफ FIR दर्ज कराई जाएगी। प्रदेश में बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा सभी अधिकारियों को लोगों तक राहत पहुंचाने और जरूरत पर उनकी मदद करने का आदेश दिया है.
यूपी में लगातार बारिश से बिगड़े हालात
सीतापुर के अलावा लगातार बारिश और बैराजों से छोड़े जा रहे पानी के कारण बाराबंकी में सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। नदी अब खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। एल्गिन ब्रिज पर सोमवार सुबह आठ बजे सरयू का जलस्तर 106.420 मीटर दर्ज किया गया, जबकि यहां खतरे का निशान 106.070 मीटर है।


