शामली में हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान हत्याकांड को लेकर पुलिस की सख्ती लगातार बढ़ती जा रही है। घटना के बाद से फरार चल रहे दो आरोपी शूटरों, सत्यम कादयान और आर्यन, पर पुलिस ने एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। दोनों वारदात के तुरंत बाद से ही पुलिस की पकड़ से बाहर हैं और अब तक उनकी कोई सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस टीमें उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं, साथ ही सामने आए सीसीटीवी फुटेज के आधार पर उनकी पहचान और गतिविधियों को खंगाला जा रहा है।
सत्यम कादयान इस पूरे षड्यंत्र के मुख्य सूत्रधार राकेश पंपू का नजदीकी रिश्तेदार बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, वारदात को अंजाम देने के बाद राकेश पंपू खुद सत्यम और आर्यन को लेकर पानीपत के सिवाह गांव पहुंचा था। यहीं से दोनों आरोपी एक-दूसरे से अलग होकर फरार हो गए। अब पुलिस राकेश पंपू और इन दोनों फरार शूटरों के बीच की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है, ताकि पूरी साजिश की तस्वीर साफ हो सके।
हत्या के दिन की भूमिका को लेकर भी पुलिस को अहम जानकारी हाथ लगी है। बताया जा रहा है कि जिस बाइक पर एनकाउंटर में मारे गए दो अन्य शूटर सवार थे, उसी के साथ दूसरी बाइक पर सत्यम और आर्यन भी मौजूद थे। यानी वारदात को अंजाम देने वाली पूरी टीम में इन दोनों की सीधी भागीदारी मानी जा रही है।
सबसे चौंकाने वाला खुलासा जीपीएस ट्रैकिंग को लेकर हुआ है। जांच में सामने आया कि अंकित बालियान की गाड़ी में जो जीपीएस डिवाइस लगाई गई थी, वह सत्यम कादयान ने ही लगाई थी। इसके जरिए वह अपने मोबाइल फोन से अंकित की लोकेशन पर लगातार नजर रखता था, जिससे आरोपियों को उसकी हर गतिविधि की जानकारी मिलती रही। सीसीटीवी फुटेज में भी दोनों आरोपी बाइक से भागते हुए कैद हुए हैं, जो अब पुलिस की जांच का अहम आधार बन गया है। इनाम की घोषणा के बाद अब पुलिस की तलाशी अभियान को और तेज कर दिया गया है।
रिपोर्ट- सोनू सिंह

