शामली में मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के थमे पहिये, संचालक बोले मुख्यमंत्री जी हमें बचाओ
उत्तर प्रदेश के शामली से एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। जिस ‘मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा’ को गरीबों को रोजगार देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू किया गया था, आज उसी सेवा के पहियों पर ब्रेक लग गया है। शामली में बस संचालकों ने आज अपनी बसों को बस स्टैंड पर खड़ा कर धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।
संचालकों का दर्द इतना गहरा है कि अब वे मुख्यमंत्री से हाथ जोड़कर गुहार लगा रहे हैं कि या तो उनकी बसें वापस ले ली जाएं या उन्हें इस कर्ज के बोझ से मुक्त किया जाए। आखिर ऐसी क्या नौबत आ गई कि सरकार की महत्वाकांक्षी योजना के संचालक अब इसे बंद करने पर मजबूर हैं।

मामला जनपद शामली का है जहाँ मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा के संचालकों ने आज अपनी बसों का संचालन पूरी तरह ठप कर दिया है। संचालकों का आरोप है कि 28 फरवरी 2026 को उन्हें जो परमिट दिए गए थे, उनका उद्देश्य गरीब को रोजगार देना था, लेकिन स्थानीय प्रशासन की उदासीनता के कारण यह योजना अब दम तोड़ रही है।
संचालकों का कहना है कि पूरे जनपद में अवैध रूप से दौड़ रहे टेंपो और ई-रिक्शा के कारण उन्हें सवारियां नहीं मिल पा रही हैं। हालत यह है कि वे न तो बसों की मासिक किश्त भर पा रहे हैं और न ही अपने स्टाफ की तनख्वाह निकाल पा रहे हैं। ऊपर से 4500 से 4600 रुपये का भारी-भरकम टैक्स उनकी कमर तोड़ रहा है। प्रशासन से लेकर आरटीओ और पुलिस तक, हर जगह गुहार लगाने के बाद भी जब कोई सुनवाई नहीं हुई, तो मजबूरन उन्हें बसों के पहिए रोकने पड़े।

बस संचालक जितेंद्र प्रधान का कहना है की 28 फरवरी 2026 में माननीय मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा एक योजना धरातल पर उतरी की गरीब को रोजगार मिले गरीब अपने पैरों पर मजबूती से खड़ा हो पर यहां का प्रशासन शासन धरातल पर इसे फ्लॉप करना चाह रहा है हमें परमिट दिए गए उसके बाद हमने डीएम साहब को भी रिक्वेस्ट की एसपी साहब को भी चार बार बता दिया गया आरटीओ को भी बता दिया गया, आरटीओ और पुलिस लीपापोती पर लगी हुई है हमें मजबूरी में जाकर धरना देना पड़ा और हम बस को चलाने में असमर्थ हैं ना हम अपनी किस्त का पूरा कर पा रहे हैं और ना टैक्स पूरा कर पा रहे हैं 4500 से 4600 हम पर टैक्स लगा दिया और अगर टेंपो की तरह हम पर भी टैक्स माफ कर दिया जाए तो हम भी धरना प्रदर्शन नहीं करेंगे जब टेंपो टैक्स नहीं देता उससे एक बार 5 साल का ले लेते हैं।
मुख्यमंत्री जी से हमारा हाथ जोड़कर निवेदन है यह बसें हम से वापस दिलवा दो और हमें कर्ज से मुक्त कर दो हम बस नहीं चलाना चाहते, परेशानी हमें टेंपो से है टेंपो नगरपालिका क्षेत्र के अंदर अंदर परमिट दिया गया है हमें रूट के परमिट दिए हैं लेकिन टेंपो नगर पालिका क्षेत्र से बाहर हाईवे पर भी दौड़ रहे हैं और ई रिक्शा भी दौड़ रही है अगर कल कोई हादसा हो गया तो उसका जिम्मेदार कौन होगा। आज हमने 40 गाड़िया खड़ी करी है कल से और होनी स्टार्ट हो जाएंगे 200 बसें जिले में है 200 की 200 खड़ी हो जाएगी। मुख्यमंत्री ग्रामीण सेवा की 28 गाड़ियां हैं जिनमें से 14 आज बंद है कल दूसरे रूट की भी आकर खड़ी हो जाएंगी।


