श्रावस्ती में विकास के दावों की हकीकत उस वक्त कैमरे में कैद हो गई, जब सड़क पर चलने के बजाय ग्रामीणों ने उसी सड़क पर धान की रोपाई शुरू कर दी। पहली ही बारिश ने करोड़ों के विकास और सफाई व्यवस्था के दावों की पोल खोल दी है। सड़क पूरी तरह तालाब में तब्दील हो चुकी है, कीचड़ और जलभराव से लोगों का निकलना मुश्किल हो गया है।
परेशान ग्रामीणों ने प्रशासन तक अपनी आवाज पहुंचाने के लिए अनोखा विरोध चुना और सड़क को ही खेत बना डाला। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग प्रशासन से जवाबदेही मांग रहे हैं। मामला श्रावस्ती के जमुनहा और सिरसिया इलाके के दौरका गांव चौराहा और बरातभारी गांव का बताया जा रहा है, जहां हर साल बारिश के बाद सड़क जलमग्न हो जाती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इसी रास्ते से मरीज अस्पताल जाते हैं और स्कूली बच्चे रोज गुजरते हैं, लेकिन जलभराव के कारण हर दिन जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ता है। अब बड़ा सवाल यह है कि आखिर मानसून से पहले नालों की सफाई और जल निकासी के जो दावे किए गए थे, वे कागजों तक ही क्यों सीमित रह गए? और कब तक ग्रामीण सड़क की जगह धान के खेत में चलने को मजबूर रहेंगे?
रिपोर्ट- मनोज कुमार श्रीवास्तव/सोनू सिंह


