मथुरा: रक्षाबंधन के पवित्र पर्व से जुड़े एक विज्ञापन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। बॉलीवुड अभिनेत्री कृति सेनन से जुड़े एक विज्ञापन की प्रस्तुति और स्टाइलिंग को लेकर ब्रजभूमि के साधु-संतों ने नाराजगी जताई है। संतों का आरोप है कि विज्ञापन में रक्षाबंधन जैसे धार्मिक पर्व को जिस अंदाज में दिखाया गया है, उससे सनातन परंपराओं और करोड़ों लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है।
विवाद की वजह विज्ञापन में अभिनेत्री का बिकिनी पहनकर राखी बांधने वाला दृश्य बताया जा रहा है। संतों का कहना है कि रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र रिश्ते, प्रेम और विश्वास का प्रतीक है। ऐसे धार्मिक पर्व को आधुनिकता के नाम पर इस तरह पेश करना उचित नहीं है।
ब्रज के संतों ने विज्ञापन को बताया आपत्तिजनक
ब्रज के संतों ने विज्ञापन को लेकर आपत्ति जताते हुए कंपनी और इससे जुड़े लोगों से धार्मिक भावनाओं का सम्मान करने की अपील की है। संतों का कहना है कि त्योहारों की प्रस्तुति में भारतीय संस्कृति और परंपराओं की मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए।
वहीं, इस मामले में अभिनेत्री और भाजपा सांसद कंगना रनौत ने भी प्रतिक्रिया दी है। कंगना ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर विज्ञापन की शैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि आज महिलाओं के पास पहनावे के कई विकल्प मौजूद हैं। उन्होंने सवाल किया कि इतने विकल्प होने के बावजूद कोई महिला अपने भाई को राखी बांधते समय बिकिनी या अंडरगारमेंट्स पहनना क्यों चुनेगी।
कंगना रनौत भी उठा चुकी हैं सवाल
कंगना ने विज्ञापन की स्टाइलिंग को लेकर इसे अजीब बताया, जिसके बाद सोशल मीडिया पर भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया। मथुरा के संत अनमोल दास महाराज और दिनेश फलाहारी महाराज ने भी विज्ञापन की प्रस्तुति पर आपत्ति जताई है। संतों का कहना है कि रक्षाबंधन केवल एक त्योहार नहीं बल्कि भारतीय संस्कारों और रिश्तों की पहचान है, इसलिए इससे जुड़े विज्ञापनों में मर्यादा और संवेदनशीलता का ध्यान रखा जाना चाहिए।
इनपुट: दीपक
