लखनऊ में हुई बहुजन समाज पार्टी की अखिल भारतीय बैठक में मायावती ने अपने भतीजे और पार्टी के उत्तराधिकारी माने जाने वाले आकाश आनंद को लेकर एक बड़ा और साफ संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि फिलहाल आकाश आनंद को पार्टी में काम करने की छूट तो रहेगी, लेकिन उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं सौंपी जाएगी। मायावती के मुताबिक, आकाश को राजनीतिक रूप से अभी और परिपक्व होने की आवश्यकता है, और जब तक यह परिपक्वता पूरी तरह हासिल नहीं हो जाती, तब तक पार्टी में उन्हें बड़े पद या जिम्मेदारी देना ठीक नहीं होगा।
बैठक के दौरान मायावती ने मान्यवर कांशीराम के सिद्धांतों का हवाला देते हुए यह भी स्पष्ट किया कि जिस तरह कांशीराम ने अपने परिवार के सदस्यों को सिर्फ पार्टी कार्य की इजाजत दी थी, चुनाव लड़ाने या पद देने के पक्ष में वे कभी नहीं रहे, ठीक उसी परंपरा और संकल्प का पालन करते हुए आकाश आनंद को भी अभी केवल संगठन के कामकाज में शामिल होने की अनुमति दी गई है। मायावती ने यह चिंता भी जताई कि विरोधी दल साम, दाम, दंड, भेद जैसे तमाम हथकंडे अपनाकर पार्टी को चुनावी नुकसान पहुंचाने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए फिलहाल सतर्कता और समय दोनों जरूरी हैं।
गौरतलब है कि आकाश आनंद को लेकर मायावती का रुख पहले भी कई बार बदलता रहा है, कभी उन्हें बड़ी जिम्मेदारियां सौंपी गईं तो कभी वापस ले ली गईं, जिसके चलते अब उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर कार्यकर्ताओं और सियासी गलियारों में चर्चाओं ने फिर जोर पकड़ लिया है।
#WATCH | Lucknow, Uttar Pradesh: BSP Supremo Mayawati holds a meeting with party office-bearers from across the country. pic.twitter.com/69KrIBSYeF
— ANI (@ANI) September 3, 2026
इसी बैठक में मायावती ने पार्टी की आगे की रणनीति पर भी बड़ा फैसला सुनाया। उन्होंने ऐलान किया कि बसपा आगे होने वाले सभी छोटे-बड़े चुनाव पूरी तरह अकेले अपने दम पर लड़ेगी, यानी किसी भी तरह के गठबंधन से पार्टी दूर रहेगी। साथ ही 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियों को तेज करने के निर्देश भी कार्यकर्ताओं को दिए गए। इसके अलावा बैठक में 9 अक्टूबर को मान्यवर कांशीराम की पुण्यतिथि पर उत्तर प्रदेश में राज्य स्तर और अन्य राज्यों में जोन स्तर पर संगोष्ठियां आयोजित करने का भी फैसला लिया गया।

