पानीपत में एक निजी अस्पताल पर इलाज में बड़ी लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। आरोप है कि पैर में चोट और फ्रैक्चर की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची एक महिला का इलाज करने के बजाय डॉक्टरों ने उसके दिल की सर्जरी कर दी। इलाज के बाद महिला की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। पैर में चोट के बाद अस्पताल पहुंची थी महिला मिली जानकारी के अनुसार, महिला को पैर में चोट लगी थी और उसके पैर में फ्रैक्चर बताया गया था। परिजन उसे इलाज के लिए पानीपत के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे थे।
परिवार का आरोप है कि महिला की मुख्य समस्या पैर से जुड़ी थी और इसी के इलाज के लिए उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। हालांकि, कुछ समय बाद डॉक्टरों ने महिला की हार्ट सर्जरी कर दी। परिजनों का आरोप है कि उन्हें इलाज की प्रक्रिया और सर्जरी के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। परिवार के मुताबिक, उन्हें समझ नहीं आया कि पैर में चोट की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंची महिला के दिल का ऑपरेशन आखिर क्यों किया गया। पानीपत
सर्जरी के बाद बिगड़ी हालत, फिर महिला की मौत
परिजनों का आरोप है कि सर्जरी के बाद महिला की हालत लगातार बिगड़ती चली गई। डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन आखिरकार महिला की मौत हो गई। जैसे ही परिवार को महिला की मौत की जानकारी मिली, अस्पताल में हंगामा शुरू हो गया। परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर इलाज में गंभीर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि अगर महिला के दिल से जुड़ी कोई गंभीर समस्या थी तो उन्हें पहले इसकी पूरी जानकारी दी जानी चाहिए थी। परिवार का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें सही जानकारी नहीं दी गई और डॉक्टरों की कथित लापरवाही के कारण महिला की जान चली गई। पानीपत
‘पैर का इलाज कराने आए थे, हार्ट सर्जरी कैसे हो गई?’
महिला के परिजनों का कहना है कि वे उसे पैर की समस्या और फ्रैक्चर के इलाज के लिए अस्पताल लेकर आए थे। परिवार का सवाल है कि जब महिला को पैर में चोट लगी थी, तो डॉक्टरों ने दिल की सर्जरी करने का फैसला किस आधार पर लिया? परिजनों का आरोप है कि उन्हें न तो इलाज की पूरी प्रक्रिया समझाई गई और न ही सर्जरी को लेकर पर्याप्त जानकारी दी गई। महिला की मौत के बाद परिवार ने अस्पताल प्रशासन से जवाब मांगा और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। पानीपत
अस्पताल पर गंभीर सवाल, जांच की मांगइस घटना के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि महिला की वास्तविक बीमारी क्या थी और डॉक्टरों ने हार्ट सर्जरी करने का फैसला क्यों लिया? क्या महिला को पहले से दिल की कोई बीमारी थी? क्या सर्जरी से पहले परिजनों की सहमति ली गई थी? और क्या महिला की मौत इलाज के दौरान हुई किसी लापरवाही की वजह से हुई? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही साफ हो सकेगा। परिवार ने मामले की जांच कर दोषी डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पानीपत
पोस्टमार्टम और मेडिकल जांच से खुलेगा मौत का राज
परिजनों की शिकायत के बाद अब पूरे मामले की जांच की मांग तेज हो गई है। महिला की मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। जांच में यह भी देखा जाएगा कि महिला की मेडिकल हिस्ट्री क्या थी, उसे अस्पताल में किस बीमारी के चलते भर्ती किया गया था और हार्ट सर्जरी करने का चिकित्सकीय आधार क्या था। इसके अलावा, यह भी जांच का विषय होगा कि क्या महिला या उसके परिजनों से सर्जरी से पहले उचित सहमति ली गई थी और क्या उन्हें संभावित जोखिमों के बारे में जानकारी दी गई थी। पानीपत
परिवार ने इंसाफ की मांग की
महिला की मौत के बाद परिवार सदमे में है। परिजनों का कहना है कि वे इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन उन्हें अपनी महिला सदस्य का शव लेकर लौटना पड़ा। परिवार ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। फिलहाल यह मामला गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। हालांकि, डॉक्टरों की वास्तविक गलती या अस्पताल की जिम्मेदारी जांच पूरी होने के बाद ही तय होगी। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि महिला की मौत के पीछे चिकित्सकीय लापरवाही थी या कोई अन्य मेडिकल जटिलता। पानीपत

