नई दिल्ली: तिब्बत में ग्लेशियर टूटने और भूस्खलन से नेपाल में 26 अगस्त को भारी तबाही मची। रास्ते में जो भी मकान, दुकान, होटल, रेस्टोरेंट या हाइड्रो प्रोजेक्ट आया, बाढ़ ने उसे मिट्टी में मिला दिया। तबाही के तीन दिन बाद भी लापता हुए लोगों की तलाश जारी है। नेपाली सेना लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है और अब तक 633 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 2500 लोग अब भी लापता हैं जिसमें 320 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
हालांकि इतने नुकसान के बाद भी नेपाल पर अभी बड़ा खतरा टला नहीं है। दरअसल शुक्रवार को अधिकारियों ने चीन के तिब्बत क्षेत्र में एक और झील के फटने की सूचना दी है जिससे नेपाल में फिर से तबाही आने की आशंका है। नेपाल के नेशनल डिजास्टर रिस्क रिडक्शन एंड मैनेजमेंट अथॉरिटी ने बताया कि रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी के उसी क्षेत्र में पानी का बहाव काफी तेज हो गया जहां 26 अगस्त को भीषण बाढ़ आई थी।

नेपाल के जल संसाधन मंत्री ने क्या कहा ?
वहीं नेपाल के ऊर्जा, जल संसाधन मंत्री ने बयान जारी कर कहा है कि अभी भी नदी का रास्ता पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। मलबे की वजह से नदी का रास्ता बाधित होने से बनी झील का पानी पूरी तरह खाली नहीं हुआ है इसलिए भोटेकोशी क्षेत्र में पानी के बहाव में बढ़ोतरी की संभावना है।
ग्लेशियर टूटने का हैरान करने वाला वीडियो आया सामने
वहीं दूसरी तरफ जिस ग्लेशियर के टूटने से नेपाल में भारी तबाही हुई थी उसका वीडियो अब सामने आया है। टूर गाइड के एक ग्रुप ने तिब्बत में एक ऊंची जगह से इसे कैमरे में कैद किया था।

इस वीडियो में नेपाल की सीमा के पास बर्फ से ढके ग्लेशियर दिखाई दे रहे हैं और अचानक बर्फ और चट्टानों का करीब 800 मीटर लंबा हिस्सा टूटकर नीचे घाटी में गिरता हुआ नजर आ रहा है।
इस घटना के बाद धूल और मलबे की वजह से धुआं पूरे इलाके में फैल जाता है और यह मलबा नीचे पानी में तेजी से बहता हुआ नजर आ रहा है। यह वीडियो रिकॉर्ड करने वाला ग्रुप जब नीचे उतरा तो उन्हें रास्ते बंद मिले जिसके बाद उन्हें पता चला कि जिसका वीडियो उन्होंने रिकॉर्ड किया था उसी से नेपाल में इतनी तबाही मची है।
रिपोर्ट : कुणाल कौशल


