सावन के दौरान प्याज की मांग कम रहने और बाजार में पर्याप्त सप्लाई के चलते थोक कीमतें अभी तक काफी हद तक काबू में थीं। लेकिन अब महाराष्ट्र के नासिक से प्याज की आवक कम होने लगी है। इसका असर धीरे-धीरे मंडियों के भाव पर दिखाई देने लगा है। कानपुर की चकरपुर मंडी में प्याज की रोजाना आवक करीब डेढ़ लाख किलो तक कम हो गई है। इसके चलते थोक कीमत बढ़कर 42 से 45 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है।
वहीं आगरा की सिकंदरा मंडी में फिलहाल हालात कुछ बेहतर हैं। यहां नासिक से रोज करीब 15 ट्रक प्याज पहुंच रहा है। करीब तीन लाख किलो रोजाना आवक के चलते थोक भाव अभी 40 रुपये प्रति किलो के आसपास बना हुआ है। हालांकि कारोबारियों का कहना है कि अगर अगले सप्ताह मांग में तेजी आती है तो आगरा में भी प्याज के दाम बढ़ सकते हैं।
नासिक में पुराने स्टॉक की कमी का असर
व्यापारियों के मुताबिक नासिक में पुराने प्याज का स्टॉक अब पहले की तुलना में कम बचा है। इसी वजह से वहां से आने वाली सप्लाई प्रभावित हुई है। नासिक की प्याज की गुणवत्ता बेहतर मानी जाती है, इसलिए दूसरे राज्यों से आने वाली प्याज के मुकाबले इसकी मांग ज्यादा रहती है। आगरा की सिकंदरा सब्जी मंडी में नासिक के अलावा राजस्थान के अलवर से भी प्याज पहुंच रहा है। हालांकि गुणवत्ता के कारण खरीदार नासिक की प्याज को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। अभी मंडी में सप्लाई सामान्य है, इसलिए थोक भाव में अचानक बड़ी तेजी नहीं आई है।
कानपुर में रोजाना डेढ़ लाख किलो कम हुई आवक
कानपुर की चकरपुर मंडी में प्याज की आवक में पिछले करीब 10 दिनों से गिरावट दर्ज की गई है। पहले यहां रोज करीब 6.50 लाख किलो प्याज पहुंच रहा था, जो अब घटकर करीब पांच लाख किलो रह गया है। आवक में इस कमी का सीधा असर थोक कीमतों पर पड़ा है और भाव 42 से 45 रुपये किलो तक पहुंच गया है। चकरपुर मंडी से कानपुर के साथ-साथ पूर्वांचल के कई जिलों में प्याज की सप्लाई की जाती है। मंडी कारोबारियों के अनुसार कानपुर और आसपास के इलाकों में ही रोज करीब 50 टन प्याज की खपत हो जाती है। ऐसे में आवक घटने पर कीमतों पर दबाव बढ़ना स्वाभाविक है।
आगरा में अभी 40 रुपये किलो थोक भाव
आगरा की सिकंदरा मंडी में फिलहाल प्याज की स्थिति कानपुर से बेहतर है। नासिक से रोज करीब 15 ट्रक यानी लगभग तीन लाख किलो प्याज मंडी में पहुंच रहा है। पर्याप्त आवक के कारण थोक भाव करीब 40 रुपये किलो बना हुआ है। आढ़तिया मनोज कालरा के मुताबिक अभी बाजार में सप्लाई को लेकर कोई बड़ी परेशानी नहीं है। लेकिन अगले सप्ताह से अगर मांग बढ़ती है तो प्याज के भाव में कुछ तेजी देखने को मिल सकती है।
रिटेल बाजार में ज्यादा कीमत वसूलने की शिकायत
थोक बाजार में कीमतें भले ही एक स्तर पर बनी हुई हों, लेकिन खुदरा बाजार में ग्राहकों को प्याज के लिए ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है। कारोबारियों का कहना है कि कुछ जगहों पर खुदरा विक्रेता बढ़े हुए थोक भाव का हवाला देकर ज्यादा मुनाफा ले रहे हैं। प्याज की कीमतों में तेजी का सबसे बड़ा कारण नासिक से घटती आवक मानी जा रही है। आने वाले दिनों में मांग और सप्लाई का संतुलन ही तय करेगा कि प्याज के दाम और ऊपर जाते हैं या फिर मौजूदा स्तर पर बने रहते हैं।


