Ayodhya: राम मंदिर में चढ़ावे की रकम से जुड़ी चोरी के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और उसके भतीजे मनीष यादव को एंटी करप्शन कोर्ट ने 39 घंटे की पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस दोनों को जेल से बाहर लेकर आई और अपनी हिरासत में ले लिया। अब इस रिमांड के दौरान पुलिस दोनों आरोपियों से आमने-सामने बैठकर कई अहम सवालों के जवाब तलाशेगी। Ayodhya
आखिर कितनी रकम गायब हुई और कहां गई?
जांच में पुलिस का सबसे बड़ा फोकस कथित तौर पर चोरी की गई चढ़ावे की रकम पर है। पुलिस यह जानना चाहती है कि रकम कितनी थी, उसे कब और कैसे निकाला गया और वारदात के बाद उसे कहां रखा गया। जांच एजेंसियां आरोपियों से यह भी पूछेंगी कि क्या चोरी की रकम का किसी तरह इस्तेमाल किया गया या फिर उसे किसी और व्यक्ति के पास सौंपा गया। पुलिस को उम्मीद है कि पूछताछ के दौरान रकम से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। Ayodhya
क्या सिर्फ दो लोग थे या पीछे कोई और भी?
इस मामले में पुलिस अब इस सवाल का जवाब भी तलाश रही है कि क्या पूरी वारदात को सिर्फ टिन्नू और मनीष ने अंजाम दिया था या उनके साथ कोई और भी शामिल था। पुलिस दोनों आरोपियों से उनके संपर्कों, फोन पर हुई बातचीत और घटना से पहले और बाद की गतिविधियों के बारे में पूछताछ कर सकती है। जांच एजेंसियां यह समझने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस मामले के पीछे कोई बड़ी योजना या कई लोगों का नेटवर्क तो नहीं था। Ayodhya
रिमांड में आमने-सामने भी हो सकती है पूछताछ
39 घंटे की पुलिस रिमांड के दौरान दोनों आरोपियों से अलग-अलग पूछताछ की जा सकती है। इसके बाद पुलिस दोनों के बयानों का मिलान करेगी। अगर दोनों के बयान में अंतर मिलता है तो उन्हें आमने-सामने बैठाकर भी सवाल-जवाब किए जा सकते हैं। पुलिस का मकसद घटना की पूरी कड़ी को समझना और यह पता लगाना है कि कथित चोरी में किसकी क्या भूमिका थी। Ayodhya
पुलिस को बरामदगी की भी उम्मीद पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या आरोपियों से कथित तौर पर चोरी की गई रकम या उससे जुड़े किसी अन्य सामान की बरामदगी हो सकती है। रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ के साथ-साथ पुलिस उन जगहों की भी जानकारी जुटा सकती है, जहां रकम या अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य छिपाए जाने की आशंका है। Ayodhya
39 घंटे की रिमांड में खुल सकते हैं कई राज
फिलहाल, 39 घंटे की पुलिस रिमांड को इस मामले की जांच के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। पुलिस अब आरोपियों के बयानों को अन्य सबूतों और जांच में सामने आए तथ्यों से मिलाएगी। इस पूछताछ के बाद यह साफ हो स कता है कि चढ़ावे की रकम से जुड़ी कथित चोरी की पूरी कहानी क्या है, रकम कहां गई और इस मामले में कितने लोग शामिल थे। Ayodhya
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