नई दिल्ली। India-Japan के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी साझेदारी को नई ऊंचाई देने की दिशा में गुरुवार को अहम कदम उठाया गया। जापान की प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची अपने तीन दिवसीय आधिकारिक भारत दौरे पर नई दिल्ली पहुंचीं, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैदराबाद हाउस में आयोजित भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई और भविष्य के सहयोग का नया रोडमैप तैयार किया गया। India-Japan
बैठक के बाद आयोजित संयुक्त प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापानी प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत करते हुए उन्हें अपनी “छोटी बहन” बताया। उन्होंने कहा कि सनाए ताकाइची न केवल जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं, बल्कि दूरदर्शी सोच रखने वाली और लोकप्रिय नेता भी हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और जापान के रिश्ते केवल कूटनीतिक नहीं, बल्कि विश्वास, साझा मूल्यों और लंबे समय से चली आ रही मित्रता पर आधारित हैं। India-Japan
एआई और नई तकनीकों पर होगा गहरा सहयोग
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आने वाले वर्षों में तकनीकी साझेदारी भारत-जापान संबंधों की सबसे मजबूत नींव बनेगी। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए दोनों देशों ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के क्षेत्र में संयुक्त बयान जारी किया। इसके तहत एआई अनुसंधान, नवाचार, प्रतिभा विकास, डिजिटल अवसंरचना और सुरक्षित एवं जिम्मेदार एआई के विकास पर मिलकर काम किया जाएगा। दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि भविष्य की अर्थव्यवस्था में एआई, डिजिटल टेक्नोलॉजी और डेटा सुरक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। इसलिए इन क्षेत्रों में दीर्घकालिक सहयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। India-Japan
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सेमीकंडक्टर और सप्लाई चेन पर विशेष जोर
शिखर वार्ता में सेमीकंडक्टर उद्योग और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत बनाने पर भी व्यापक चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने माना कि वैश्विक स्तर पर मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन तैयार करना समय की आवश्यकता है। भारत और जापान सेमीकंडक्टर निर्माण, चिप डिजाइन, अनुसंधान तथा निवेश को बढ़ावा देने के लिए मिलकर कार्य करेंगे। इससे भारत में हाई-टेक विनिर्माण को गति मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। India-Japan
फार्मास्यूटिकल्स और स्वास्थ्य क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
बैठक के दौरान स्वास्थ्य और दवा उद्योग में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति बनी। दोनों देश दवाओं के अनुसंधान, मेडिकल टेक्नोलॉजी, स्वास्थ्य सेवाओं तथा फार्मास्यूटिकल्स की आपूर्ति को और मजबूत बनाने के लिए संयुक्त पहल करेंगे। India-Japan
आर्थिक साझेदारी को मिलेगी नई रफ्तार
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जापान लंबे समय से भारत का विश्वसनीय विकास साझेदार रहा है। बुलेट ट्रेन परियोजना, औद्योगिक कॉरिडोर, मेट्रो रेल, स्मार्ट सिटी और आधारभूत संरचना के विकास में जापान का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अब दोनों देश निवेश, व्यापार, विनिर्माण और नवाचार के क्षेत्रों में सहयोग को और विस्तार देंगे। दोनों नेताओं ने भारत में जापानी निवेश बढ़ाने, नए उद्योग स्थापित करने और युवाओं के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया। India-Japan
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में शांति और स्थिरता पर सहमति
भारत और जापान ने मुक्त, समावेशी और नियम-आधारित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के प्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता दोहराई। दोनों देशों ने समुद्री सुरक्षा, क्षेत्रीय स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के सम्मान को वैश्विक शांति के लिए आवश्यक बताया। India-Japan
सांस्कृतिक और जनसंपर्क संबंध होंगे और मजबूत
दोनों प्रधानमंत्रियों ने शिक्षा, पर्यटन, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और युवाओं के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया। भारत और जापान के लोगों के बीच बढ़ती साझेदारी को दोनों देशों की मित्रता की सबसे बड़ी ताकत बताया गया। India-Japan
भविष्य की साझेदारी का नया अध्याय
संयुक्त प्रेस वार्ता के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विश्वास जताया कि भारत और जापान की यह नई साझेदारी आने वाले वर्षों में विज्ञान, तकनीक, व्यापार, रक्षा, शिक्षा और वैश्विक चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं प्रधानमंत्री सनाए ताकाइची ने कहा कि भारत जापान का भरोसेमंद और रणनीतिक साझेदार है तथा दोनों देश मिलकर एशिया और विश्व में शांति, समृद्धि और सतत विकास के लिए कार्य करते रहेंगे। India-Japan
भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन को दोनों देशों के संबंधों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि एआई, सेमीकंडक्टर, महत्वपूर्ण खनिज, स्वास्थ्य, निवेश और इंडो-पैसिफिक सहयोग से जुड़े फैसले आने वाले वर्षों में दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा और नई गति देंगे। India-Japan

