Uttrakhand News: प्रदेश में इस वर्ष शिक्षकों और कर्मचारियों के तबादलों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है। अब अनुरोध के आधार पर तबादले किए जाएंगे। कार्मिक विभाग के सचिव शैलेश बगौली ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। हालांकि, शिक्षा विभाग को अब भी शासन से विस्तृत दिशा-निर्देशों का इंतजार है, जिसके बाद ही तबादला प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाएगा।
प्रदेश में शिक्षकों और कर्मचारियों के स्थानांतरण के लिए तबादला एक्ट लागू है। इस एक्ट के तहत हर वर्ष सामान्य तबादलों के लिए एक निर्धारित समय-सारणी तय की गई है। नियमों के अनुसार मार्च माह से तबादलों की प्रक्रिया शुरू हो जानी चाहिए थी, लेकिन इस बार शिक्षा विभाग सहित कुछ अन्य विभागों ने समय पर प्रक्रिया शुरू नहीं की। वहीं कार्मिक विभाग की ओर से भी लंबे समय तक इस संबंध में कोई आदेश जारी नहीं किया गया था।
तबादला एक्ट के अनुसार अनुरोध के आधार पर तबादलों के लिए आवेदन आमंत्रित करने की अंतिम तिथि 30 अप्रैल निर्धारित थी। इसके बावजूद प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी, जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी रही। बड़ी संख्या में शिक्षक लंबे समय से तबादलों को लेकर शासन के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं।
शिक्षा विभाग के अधिकारियों का कहना है कि विभाग शासन के आदेश मिलने के बाद ही तबादलों की प्रक्रिया शुरू करेगा। विभागीय स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं, लेकिन अंतिम निर्णय शासन के निर्देशों के आधार पर ही लिया जाएगा।
माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. मुकुल कुमार सती ने बताया कि विभाग को अब तक तबादलों के संबंध में कोई औपचारिक आदेश प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि जैसे ही शासन स्तर से दिशा-निर्देश प्राप्त होंगे, विभाग निर्धारित नियमों के तहत तबादला प्रक्रिया शुरू कर देगा।
शिक्षकों के बीच तबादलों को लेकर उत्सुकता बनी हुई है। कई शिक्षक पारिवारिक, स्वास्थ्य और अन्य व्यक्तिगत कारणों से स्थानांतरण की मांग कर रहे हैं। ऐसे में शासन के आदेश का इंतजार किया जा रहा है ताकि लंबे समय से लंबित तबादला प्रक्रिया को गति मिल सके।
कार्मिक विभाग के आदेश के बाद अब सभी की निगाहें शिक्षा विभाग और शासन के अगले कदम पर टिकी हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही दिशा-निर्देश जारी होने के बाद प्रदेशभर में शिक्षकों और कर्मचारियों के तबादलों की प्रक्रिया शुरू हो सकती है।

