दिल्ली के पीतमपुरा और केशवपुरम इलाके में पिछले कुछ दिनों से दहशत फैलाने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी खुद को AC और RO रिपेयर मैकेनिक बताकर लोगों के घरों में घुसने की कोशिश करता था। उसके हाथ में बैग रहता था, जिसमें दरांती जैसी धारदार वस्तु रखी होने की बात सामने आई है। कई CCTV फुटेज में आरोपी घरों की घंटियां बजाते हुए दिखाई दिया था। इन फुटेज के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला गंभीर हो गया और पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 55 वर्षीय अजय बग्गा के रूप में हुई है।
घर-घर घंटी बजाकर बनाता था मौका
रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी कॉलोनियों में घूमता था और अलग-अलग घरों की घंटियां बजाता था। वह सामान्य तरीके से पेश आता था, ताकि लोगों को उस पर शक न हो। जब कोई दरवाजा खोलता, तो वह खुद को AC या RO मैकेनिक बताकर घर में घुसने की कोशिश करता था। पुलिस जांच में यह बात सामने आई है कि घर के अंदर पहुंचने के बाद वह मौका देखकर चोरी या लूट की वारदात को अंजाम देता था। इसी तरीके की वजह से इलाके में लोगों के बीच डर का माहौल बन गया था।
केशवपुरम की घटना के बाद बढ़ी दहशत
8 मई को केशवपुरम इलाके में हुई एक घटना के बाद लोगों में डर और बढ़ गया। CCTV फुटेज में आरोपी कई घरों की घंटियां बजाते हुए नजर आया। जब किसी घर से जवाब नहीं मिला, तो वह दूसरी मंजिल पर स्थित एक मकान तक पहुंचा। वहां एक महिला ने दरवाजा खोला। आरोपी ने खुद को मैकेनिक बताया और अंदर आने की कोशिश की। कुछ ही सेकंड बाद उसने अपने बैग से बड़ा धारदार चापड़ निकाल लिया। महिला ने शोर मचाया, जिसके बाद आरोपी घबरा गया और उसे धक्का देकर मौके से भाग गया।
भागते समय फेंका धारदार हथियार
इलाके की एक महिला ने बताया कि आरोपी भागते समय पास के पार्क में दरांती जैसी धारदार चीज फेंककर फरार हो गया। इस घटना के बाद लोगों ने पुलिस से सख्त कार्रवाई की मांग की। RWA अध्यक्ष आरके गुलाटी के अनुसार, आरोपी ने C-3 ब्लॉक में छह से आठ घरों की घंटियां बजाई थीं। राहत की बात यह रही कि वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम नहीं दे सका। एक महिला ने शक होने पर दरवाजा खोलते ही तुरंत बंद कर लिया था।
पहले भी कर चुका था वारदात
जांच में यह भी सामने आया कि यह आरोपी की पहली घटना नहीं थी। इससे पहले 21 अप्रैल को पीतमपुरा के मौर्य एन्क्लेव इलाके में भी इसी तरह की वारदात हुई थी। आरोप है कि आरोपी एक परिचित के घर में दाखिल हुआ था। वहां मौजूद एक किशोर को उसने धारदार हथियार दिखाकर बंधक बना लिया। इसके बाद वह करीब चार लाख रुपये नकद और लगभग 25 लाख रुपये के सोने के गहने लेकर फरार हो गया था। इस घटना ने पुलिस जांच को और गंभीर बना दिया।
CCTV फुटेज से पुलिस को मिली मदद
आरोपी के कई CCTV वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए थे। फुटेज में उसका चेहरा, हावभाव और घरों के आसपास घूमने का तरीका साफ दिखाई दे रहा था। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव की निगरानी में विशेष टीमें बनाई गईं। पुलिस ने इलाके के CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी निगरानी के जरिए आरोपी की लोकेशन ट्रैक की। लगातार निगरानी के बाद पुलिस अजय बग्गा तक पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब नेटवर्क की जांच में जुटी
अजय बग्गा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि वह अकेले काम करता था या उसके साथ कोई और भी शामिल था। पुलिस को शक है कि आरोपी ने दिल्ली के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की घटनाएं की हो सकती हैं। जांच टीम उसके पुराने रिकॉर्ड, संपर्कों और संभावित वारदातों की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल गिरफ्तारी के बाद पीतमपुरा और केशवपुरम के लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन पुलिस इस मामले की पूरी कड़ी सामने लाने में जुटी है।


