रक्षाबंधन जैसे त्योहार पर जब घर में मिठाइयां बांटकर खुशियां मनाई जा रही थीं, उसी दौरान नोएडा से ऑनलाइन फूड डिलीवरी को लेकर हैरान करने वाला मामला सामने आया है। सेक्टर-22 में एक ग्राहक ने ऑनलाइन क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म जेपटो से GITS ब्रांड के गुलाब जामुन मंगाए थे। पैकेट खोलकर मिठाई खाने के दौरान उसमें कथित तौर पर मरी हुई मक्खी दिखाई दी। इसे देखकर ग्राहक के होश उड़ गए।
मामला सामने आने के बाद पैक्ड फूड की गुणवत्ता और उसकी पैकेजिंग को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। खासकर त्योहार के समय जब लोग भरोसे के साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से खाने-पीने की चीजें मंगाते हैं, ऐसे में पैक्ड मिठाई के अंदर इस तरह की चीज मिलना चिंता बढ़ाने वाला है।
मिठाई खाते समय पड़ी नजर
बताया जा रहा है कि सेक्टर-22 निवासी ग्राहक ने रक्षाबंधन के मौके पर जेपटो के जरिए GITS ब्रांड के गुलाब जामुन ऑर्डर किए थे। ऑर्डर मिलने के बाद जब मिठाई खाने के लिए पैकेट खोला गया, तो शुरुआत में सब सामान्य नजर आया। लेकिन मिठाई खाते समय ग्राहक की नजर एक मरी हुई मक्खी पर पड़ गई। मक्खी मिठाई के अंदर दिखाई देने के बाद ग्राहक ने तुरंत खाना रोक दिया। त्योहार के मौके पर परिवार के लिए मंगाई गई मिठाई में ऐसी चीज मिलने से नाराजगी भी सामने आई।
पैक्ड मिठाई में मक्खी मिलने से उठे सवाल
इस घटना ने सबसे बड़ा सवाल पैक्ड फूड की क्वालिटी और हाइजीन को लेकर खड़ा किया है। जब कोई ग्राहक किसी नामी ब्रांड की पैक्ड मिठाई खरीदता है, तो उसे उम्मीद होती है कि उत्पाद साफ-सुथरा और तय मानकों के मुताबिक होगा। ऐसे में अगर पैकेट के अंदर से कोई कीड़ा या मरी हुई मक्खी निकलती है, तो सवाल सिर्फ एक ग्राहक की शिकायत तक सीमित नहीं रहता। इससे मैन्युफैक्चरिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज और डिलीवरी के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी सवाल उठते हैं।
त्योहार पर ऑनलाइन खरीदारी बढ़ी, लेकिन भरोसा भी जरूरी
रक्षाबंधन के दौरान मिठाई, चॉकलेट, ड्राई फ्रूट्स और दूसरे खाने-पीने के सामान की ऑनलाइन खरीदारी काफी बढ़ जाती है। लोग घर बैठे कुछ ही मिनटों में सामान मंगा लेते हैं। क्विक डिलीवरी की सुविधा ने खरीदारी को आसान जरूर बनाया है, लेकिन इसके साथ खाद्य पदार्थों की क्वालिटी और सुरक्षित डिलीवरी की जिम्मेदारी भी उतनी ही बड़ी हो जाती है।
ग्राहकों का भरोसा इसी बात पर टिका होता है कि उन्हें जो उत्पाद स्क्रीन पर दिखाया और बताया गया है, वही सुरक्षित स्थिति में उनके घर पहुंचे। ऐसे मामलों में एक छोटी सी लापरवाही भी त्योहार की खुशी को खराब कर सकती है।
कंपनी और डिलीवरी प्लेटफॉर्म से कार्रवाई की उम्मीद
इस मामले में यह साफ नहीं है कि मिठाई के पैकेट में मक्खी किस स्तर पर पहुंची। यह उत्पादन के दौरान हुई गलती थी, पैकेजिंग के समय लापरवाही हुई या फिर स्टोरेज से जुड़ी कोई समस्या थी, इसकी जांच के बाद ही स्थिति साफ हो सकेगी। अब नजर इस बात पर है कि ग्राहक की शिकायत पर GITS और जेपटो की ओर से क्या जवाब दिया जाता है। क्या कंपनी उत्पाद की जांच कराएगी? क्या संबंधित बैच के दूसरे पैकेटों की भी जांच होगी? और अगर लापरवाही साबित होती है तो जिम्मेदार लोगों पर क्या कार्रवाई की जाएगी?
खाद्य सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल
मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि यह सीधे तौर पर खाने की चीज से जुड़ा है। किसी भी खाद्य उत्पाद में बाहरी वस्तु या कीड़ा मिलना ग्राहक की सेहत और सुरक्षा से जुड़ा विषय बन जाता है। ऐसे में सिर्फ रिफंड या दूसरा पैकेट भेज देना ही पर्याप्त नहीं माना जा सकता। जरूरत इस बात की है कि शिकायत की वास्तविक जांच हो और यह पता लगाया जाए कि ऐसी स्थिति आखिर पैदा कैसे हुई।
रक्षाबंधन के दिन सामने आई इस घटना ने एक बार फिर ऑनलाइन मंगाए जाने वाले पैक्ड फूड की गुणवत्ता पर बहस छेड़ दी है। फिलहाल ग्राहक की ओर से सामने आए इस मामले में कंपनी और डिलीवरी प्लेटफॉर्म के आधिकारिक जवाब का इंतजार है।


