लखनऊ में अवैध निर्माण और LDA की लापरवाही को लेकर नेशन 27 की खबर का बड़ा असर सामने आया है। आईटी चौराहे के पास निर्माणाधीन होटल की बेसमेंट खुदाई से इंद्रप्रस्थ अपार्टमेंट की बाउंड्री गिरने और बिल्डिंग में दरारें आने के मामले में खबर प्रसारित होने के बाद LDA अधिकारी सक्रिय हुए। वहीं, अलीगंज में आवासीय जमीन पर बने 51 व्यावसायिक भवनों पर भी कार्रवाई की तैयारी तेज कर दी गई है।
500 लोगों की जान पर बना था खतरा, खबर के बाद हरकत में आया LDA
आईटी चौराहे के पास एक होटल के निर्माण के लिए बेसमेंट की खुदाई की जा रही थी। आरोप है कि खुदाई के दौरान आसपास की जमीन धंस गई। इसका असर पास में बने इंद्रप्रस्थ अपार्टमेंट पर भी पड़ा। अपार्टमेंट की बाउंड्री गिर गई और परिसर की बिल्डिंग में दरारें आने से वहां रहने वाले करीब 500 लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो गए। मामले को लेकर स्थानीय लोगों ने विरोध-प्रदर्शन भी किया। इसके बाद LDA ने निर्माणाधीन साइट को सील कर दिया।
नेशन 27 ने इस पूरे मामले को प्रमुखता से उठाया, जिसके बाद LDA के अधिकारी मौके की स्थिति को लेकर सक्रिय हुए। अब इस मामले में LDA अधिकारियों, बिल्डर और इंद्रप्रस्थ स्टेट के निवासियों के बीच बैठक हुई है। अधिकारियों ने निर्देश दिए हैं कि निर्माण कार्य दोबारा शुरू करने से पहले सुरक्षा मानकों के मुताबिक रिटेनिंग वॉल तैयार की जाए और जरूरी सुरक्षा इंतजाम किए जाएं। इसके बाद ही निर्माण शुरू करने की अनुमति दी जाएगी।
अलीगंज के 51 भवन भी LDA के रडार पर
इसी बीच अलीगंज में आवासीय भूखंडों पर बने 51 व्यावसायिक भवनों के खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। LDA ने इन भवनों के मालिकों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। विभाग ने साफ किया है कि जिन मामलों में किसी सक्षम अदालत की ओर से रोक नहीं है, वहां नियमों के तहत भवनों को सील करने या जरूरत पड़ने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा सकती है।
5 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की टीम करेगी जांच
अलीगंज में अवैध निर्माणों की जांच के लिए 5 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट की टीम पहुंचने वाली है। टीम के दौरे से पहले LDA ने सभी 51 भवनों से जुड़ी फाइलें निकलवा ली हैं। अधिकारियों की ओर से यह भी जांच की जा रही है कि मौजूदा समय में इन इमारतों का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है और वहां कौन-कौन लोग रह रहे हैं या व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं।
आग की घटना के बाद सामने आया था मामला
दरअसल, 22 जून को अलीगंज के सेक्टर-डी में आवासीय भूखंड पर बने एक व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में आग लग गई थी। घटना के बाद वहां हुए निर्माण को लेकर सवाल उठे और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा। सुनवाई के दौरान LDA ने कोर्ट को जानकारी दी थी कि अलीगंज में 51 ऐसी व्यावसायिक इमारतें हैं, जिनका निर्माण आवासीय जमीन के इस्तेमाल से जुड़े नियमों के खिलाफ किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने मांगा था कार्रवाई का ब्योरा
लोकनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य सरकार मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने लखनऊ समेत कई बड़े शहरों में अवैध निर्माण को लेकर अधिकारियों से जवाब मांगा था। 7 अगस्त 2026 को कोर्ट ने अलीगंज की इन 51 इमारतों पर अब तक हुई कार्रवाई का ब्योरा देने के निर्देश दिए थे। साथ ही कोर्ट की टीम द्वारा अलीगंज में अवैध निर्माणों का सर्वे कराने की बात भी सामने आई थी।
बिना कोर्ट स्टे वाले मामलों में होगी कार्रवाई
LDA उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के मुताबिक कोर्ट के निर्देशों के तहत कार्रवाई की तैयारी कर ली गई है। संबंधित मामलों की न्यायालयी फाइलों की जांच की जा रही है और भवनों की मौजूदा स्थिति की जानकारी जुटाई जा रही है। कार्रवाई के लिए जरूरी कर्मचारियों और मशीनरी का भी आकलन किया गया है।
LDA के अनुसार, जिन मामलों में किसी सक्षम अदालत से रोक नहीं है, उनमें नियमानुसार सीलिंग या ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। यानी एक तरफ इंद्रप्रस्थ अपार्टमेंट के मामले में नेशन 27 की खबर के बाद LDA ने सुरक्षा इंतजामों को लेकर कदम बढ़ाए हैं, तो दूसरी तरफ अलीगंज के 51 अवैध व्यावसायिक भवन अब कार्रवाई की जद में आते दिख रहे हैं।


