लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी की मुखिया और यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने दिल्ली में हुए Gen-Z आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है। मायावती ने राजनीतिक पार्टियों पर आंदोलन को हाइजैक करने का आरोप लगाया है।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए एक पोस्ट लिखकर ऐसे राजनीतिक दलों पर निशाना साधा. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, देश में एक नहीं बल्कि अनेकों ऐसे उदाहरण हैं जिससे लोगों को यह लग रहा है कि सीजेपी का जेन-जी (Gen-Z) की ज्वलंत समस्याओं को लेकर किया गया आंदोलन राजनीतिक पार्टियों द्वारा हाईजैक कर लिया। मायावती ने आरोप लगाते हुए आगे लिखा कि जंतर-मंतर आंदोलन के दौरान जो इनको बड़े-बड़े सपने दिखाये गये थे, वो अब स्वतंत्र कम और राजनीतिक ज़्यादा होकर गंभीर शंकाओं में घिर गये हैं।
Gen-Z की मांगों का मायावती ने किया समर्थन
मायावती ने Gen-Z वोटरों को साधते हुए और अपने पाले में लाने की कोशिश के तहत आगे लिखा कि जेन-जी (Gen-Z) और जेन-अल्फा (Gen-Alpha) की ज़रूरी मांगों को लेकर बीएसपी को पूरी सहानुभूति है और इसके प्रति चिंता भी हमेशा रही है। मायावती ने आगे कहा, उनके सहयोग के लिये बीएसपी के सभी स्टेट यूनिटों को निर्देशित किया जाता है कि वो अपने-अपने राज्य और क्षेत्र में सम्बंधित अधिकारियों से मिलकर उनकी समस्याओं के शान्तिपूर्ण तरीक़े से समाधान के लिये ज़रूर तत्पर रहें।
1. देश में एक नहीं बल्कि अनेकों ऐसे उदाहरण हैं जिससे लोगों को यह लग रहा है कि सीजेपी का जेन-जी (Gen-Z) अर्थात देश के युवाओं और बेरोज़गारों आदि की ज्वलन्त समस्याओं को लेकर इनका यह आन्दोलन विभिन्न राजनीतिक पार्टियों द्वारा हाईजैक कर लेने से युवाओं व छात्रों आदि को जंतर मंतर आन्दोलन…
— Mayawati (@Mayawati) September 6, 2026
हालांकि इसके साथ मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं को सावधान भी किया है। मायावती ने आगे लिखा है कि पार्टी अनुशासन के अनुसार लोग धरना, प्रदर्शन और आन्दोलन आदि नहीं करें और अपनी तन, मन, धन की शक्ति और ऊर्जा को चुनाव के लिये सुरक्षित रखें, ताकि करोड़ों दलितों और अन्य उपेक्षितों के सच्चे मसीहा डाक्टर भीमराव अम्बेडकर के सपनों को साकार करने वाली ’सर्वजन हिताय-सर्वजन सुखाय’ की अपनी सरकार बनाकर जेन-जी (Gen-Z) और जेन-अल्फा (Gen-Alpha) सहित सर्वसमाज की सभी दुख-तकलीफों आदि का स्थायी समाधान निकल सके।
Gen-Z वोटरों पर सभी पार्टियों की नजर
इसके साथ ही जेन-जी (Gen-Z) आंदोलन को लेकर मायावती ने चेतावनी भी दी है. उन्होंने कहा, जंतर मंतर आन्दोलन के दौरान पुलिस अगर समय से उचित कार्रवाई करती तो संजय आज़ाद जैसी गंभीर घटना नहीं होती, किन्तु अब इस प्रकरण के अभियुक्तों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई जरूर होनी चाहिए वरना फिर बीएसपी भी ऐसे मामलों में पीछे नहीं रहेगी।
बता दें कि इस बार यूपी में Gen-Z वोटर चुनाव के केंद्र में हैं और बीजेपी ने इन्हें अपने पाले में लाने के लिए स्पेशल कैंपेन शुरू कर दिया है, वहीं अखिलेश यादव की समाजवादी पार्टी भी इन्हें अपने पाले में लाने की कोशिश में जुटी हुई हैं.
रिपोर्ट: कुणाल कौशल


