उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। बिलारी विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायक मोहम्मद फहीम इरफान के चाचा और पार्टी के जिला उपाध्यक्ष हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ मझोला थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
दरअसल, नेता प्रतिपक्ष (विधान परिषद) लाल बिहारी यादव गुरुवार को मुरादाबाद के सर्किट हाउस में ठहरे हुए थे। इस दौरान आगामी एमएलसी चुनाव को लेकर सपा नेताओं के साथ एक बैठक भी हुई थी। शुक्रवार को नेता प्रतिपक्ष वहां से रवाना हो गए, लेकिन इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जिसमें हाजी मोहम्मद उस्मान सर्किट हाउस परिसर के भीतर अपनी गाड़ी सड़क पर खड़ी कर नमाज अदा करते नजर आ रहे हैं।
पुलिस के अनुसार, वीडियो में यह भी दिखा कि गाड़ी रास्ते के बीचोंबीच खड़ी होने से सर्किट हाउस में आने-जाने वाले अन्य लोगों को असुविधा का सामना करना पड़ा। इसी आधार पर सर्किट हाउस के प्रभारी जेई अनिल कुमार की तहरीर पर शुक्रवार रात मझोला थाने में मामला दर्ज किया गया। एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने पुष्टि की कि शिकायत के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।
वीडियो सामने आने के बाद कुछ हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों ने पुलिस अधिकारियों से मुलाकात कर मामले में सख्त कार्रवाई की मांग उठाई थी, जिसके बाद यह पूरा घटनाक्रम राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा का विषय बन गया।
बता दें कि यह वही विधायक मोहम्मद फहीम हैं, जिनका और उनके परिवार के अन्य सदस्यों का जाति प्रमाणपत्र कुछ महीने पहले प्रशासनिक जांच में फर्जी पाए जाने के बाद रद्द किया जा चुका है। ऐसे में यह ताजा विवाद उनके और उनके परिवार के लिए एक और मुश्किल बनकर सामने आया है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आगे क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं। यह घटना एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों के इस्तेमाल और सामाजिक सौहार्द से जुड़े सवालों को लेकर बहस छेड़ गई है।


