उत्तर प्रदेश के संभल में चौधरी सराय स्थित बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद को लेकर आज भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की जांच प्रस्तावित है। जांच को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस अधीक्षक विकास चंद्र त्रिपाठी खुद मौके पर पहुंचे और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने क्षेत्र में पैदल मार्च भी किया, ताकि किसी तरह की अफवाह या तनाव की स्थिति पैदा न हो। चौधरी सराय शहर का प्रमुख और व्यस्त इलाका माना जाता है। ऐसे में प्रशासन की कोशिश है कि ASI की टीम की जांच के दौरान मौके पर किसी तरह की भीड़ या अव्यवस्था न हो। अधिकारियों ने स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है।
बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद की जांच के लिए ASI की टीम के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। टीम मौके पर पहुंचकर स्थल की स्थिति और उससे जुड़े रिकॉर्ड का निरीक्षण कर सकती है। जांच के दौरान भवन की स्थिति, उसके निर्माण से संबंधित तथ्यों और उपलब्ध दस्तावेजों को देखा जा सकता है। जांच के दौरान ASI की ओर से क्या-क्या प्रक्रिया अपनाई जाएगी और रिपोर्ट में किन बिंदुओं को शामिल किया जाएगा, यह टीम के निरीक्षण के बाद ही स्पष्ट होगा।
मस्जिद को लेकर यह मामला उस समय सामने आया जब श्रीकल्कि सेना के राष्ट्रीय संयोजक सुभाष चंद्र त्यागी ने 31 अगस्त को जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल को शिकायत दी थी। शिकायत में उन्होंने बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद को लेकर कई दावे किए और मामले की जांच कराने की मांग की। शिकायतकर्ता का दावा है कि जिस क्षेत्र में यह मस्जिद स्थित है, उससे संबंधित संपत्तियों को लेकर पुरातत्व विभाग के रिकॉर्ड में भी जानकारी दर्ज है। उन्होंने आरोप लगाया कि ASI से संबंधित संरक्षित संपत्ति के बावजूद करीब 14-15 वर्ष पहले वहां बाबा बहाउद्दीन शाह के नाम से मस्जिद का निर्माण कर कब्जा किया गया।
सुभाष चंद्र त्यागी ने अपनी शिकायत में मस्जिद को हटाने और संबंधित जमीन की स्थिति स्पष्ट कराने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर संबंधित संपत्ति वास्तव में ASI संरक्षित क्षेत्र का हिस्सा है तो वहां हुए निर्माण की जांच जरूरी है। शिकायत में हरिहर मंदिर/जामा मस्जिद के नाम से दर्ज संपत्तियों का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता ने प्रशासन से रिकॉर्ड की जांच कराने और पूरे मामले की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की है।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। एसपी विकास चंद्र त्रिपाठी के मौके पर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने क्षेत्र का निरीक्षण किया। पुलिस बल की तैनाती के साथ इलाके में पैदल मार्च भी किया गया। पुलिस की कोशिश है कि ASI की जांच के दौरान किसी तरह का विवाद या कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो। स्थानीय स्तर पर भी पुलिस गतिविधियां बढ़ाई गई हैं और संवेदनशील स्थानों पर नजर रखी जा रही है।
संभल में धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों को लेकर प्रशासन पहले से ही सतर्क रहता है। ऐसे में इस जांच को लेकर भी पुलिस और प्रशासन सोशल मीडिया तथा स्थानीय स्तर पर फैलने वाली अफवाहों पर नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों का जोर इस बात पर है कि किसी भी अपुष्ट जानकारी को साझा न किया जाए। प्रशासन की ओर से यह भी कोशिश की जा रही है कि जांच की प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो। मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों को भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए तैयार रखा गया है।
सभी की नजर ASI की जांच पर टिकी है। टीम के निरीक्षण और उपलब्ध दस्तावेजों की पड़ताल के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बाबा बहाउद्दीन शाह मस्जिद से जुड़ी शिकायत में लगाए गए दावों की वास्तविक स्थिति क्या है। प्रशासन का रुख है कि पूरे मामले में रिकॉर्ड और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, शिकायतकर्ता की ओर से मस्जिद को लेकर की गई मांग के बाद स्थानीय स्तर पर भी इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। अब ASI की जांच और उसके बाद सामने आने वाली रिपोर्ट से ही मामले की अगली दिशा तय होगी।


