शामली: अंकित बालियान हत्याकांड की जिम्मेदारी लेने का दावा करने वाली सोशल मीडिया पोस्ट के बाद जांच की दिशा अब गोगी गैंग की ओर मुड़ गई है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस मामले में हरियाणा के कुख्यात गोगी गैंग के कनेक्शन की आशंका है। गैंग के मौजूदा सरगना राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया का नाम भी पुलिस की जांच के दायरे में आया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राहुल इस समय कनाडा में रहकर गिरोह को संचालित कर रहा है और उसके संपर्क में कई शूटर हैं।
बुधवार देर रात करीब दो बजे इंस्टाग्राम पर गोगी गैंग की ओर से एक पोस्ट किए जाने का दावा किया गया, जिसमें अंकित बालियान की हत्या की जिम्मेदारी लेने की बात सामने आई। सोशल मीडिया पर सामने आई इस पोस्ट ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी। हालांकि, पुलिस अब इस पोस्ट की सत्यता, इसे अपलोड करने वाले व्यक्ति और हत्याकांड से इसके वास्तविक संबंध की जांच कर रही है। केवल सोशल मीडिया पोस्ट के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय पुलिस तकनीकी और जमीनी स्तर पर मिले सुरागों को जोड़ने में जुटी है।
कनाडा से गैंग चलाने का इनपुट
हरियाणा पुलिस से जुड़े सूत्रों के अनुसार, राहुल उर्फ भोलू लंबे समय से पुलिस की निगाह में है। बताया जा रहा है कि वह भारत से बाहर रहकर अपने गिरोह के सदस्यों और शूटरों के संपर्क में रहता है। पुलिस को आशंका है कि विदेश में बैठकर ही वह आपराधिक गतिविधियों के लिए निर्देश देता है। जांच एजेंसियों के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि अंकित बालियान की हत्या की साजिश कहां से रची गई और वारदात को अंजाम देने वाले शूटरों को निर्देश किसने दिए। इसी कड़ी में पुलिस राहुल उर्फ भोलू के नेटवर्क और उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की जानकारी जुटा रही है।
गोगी की हत्या के बाद राहुल बना गैंग का चेहरा
पुलिस सूत्रों के अनुसार, कुख्यात गैंगस्टर जितेंद्र उर्फ गोगी की हत्या के बाद गिरोह की कमान राहुल उर्फ भोलू शाहपुरिया के हाथों में आने की बात सामने आई। गोगी गैंग का नाम हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में कई आपराधिक मामलों से जुड़ता रहा है। इस गिरोह के सदस्यों के खिलाफ हत्या, रंगदारी और अन्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामले दर्ज रहे हैं।
जांच में यह भी सामने आया है कि गोगी गैंग का संपर्क लारेंस विश्नोई गैंग से रहा है। इसी वजह से अंकित बालियान हत्याकांड में गोगी गैंग का नाम सामने आने के बाद पुलिस इसे सामान्य आपराधिक वारदात के बजाय बड़े नेटवर्क के संभावित कनेक्शन के रूप में देख रही है।
10 से ज्यादा शूटर जेल में, कई पर नजर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, राहुल उर्फ भोलू के नेटवर्क से जुड़े 10 से अधिक शूटर इस समय अलग-अलग जेलों में बंद हैं। वहीं, कुछ संदिग्ध शूटर बाहर हैं या फरारी काट रहे हैं। पुलिस इन सभी की भूमिका और हाल की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है। यूपी एसटीएफ और शामली पुलिस की टीमें हरियाणा के करीब 10 जिलों तक पहुंचकर गोगी गैंग से जुड़े लोगों का रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। जिन अपराधियों का नाम पहले से सामने आया है, उनके पुराने मुकदमों, जेल रिकॉर्ड, संपर्कों और हाल की गतिविधियों को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
जेलों में बंद बदमाशों से भी पूछताछ
जांच एजेंसियां केवल बाहर मौजूद संदिग्धों तक सीमित नहीं हैं। पुलिस ने कई जेलों में पहुंचकर वहां बंद अपराधियों से भी पूछताछ की है। अधिकारियों को उम्मीद है कि जेल में बंद गैंग से जुड़े बदमाशों से पूछताछ के जरिए वारदात की साजिश, शूटरों की पहचान और उनके संपर्कों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि अंकित बालियान की हत्या से पहले किसी संदिग्ध ने संबंधित इलाके में रेकी की थी या नहीं। इसके साथ ही मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल, सोशल मीडिया गतिविधियों और आपसी संपर्कों को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
हरियाणा के 10 जिलों में खंगाला जा रहा नेटवर्क
अंकित बालियान हत्याकांड की जांच अब शामली तक सीमित नहीं रह गई है। यूपी एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीमें हरियाणा के अलग-अलग जिलों में जाकर गोगी गैंग के संदिग्ध सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं। जांच का फोकस उन लोगों पर है, जिनका किसी समय गोगी गैंग से संपर्क रहा है या जो गैंग से जुड़े शूटरों के संपर्क में रहे हैं। पुलिस यह भी देख रही है कि इनमें से किसी व्यक्ति की हाल के दिनों में अंकित बालियान या उसके करीबियों से कोई बातचीत या मुलाकात हुई थी या नहीं।
इंस्टाग्राम पोस्ट ने बढ़ाई जांच की गंभीरता
हत्याकांड के बाद इंस्टाग्राम पर जिम्मेदारी लेने का दावा करने वाली पोस्ट ने जांच को एक नया एंगल दिया है। पुलिस इस बात की पुष्टि करने में जुटी है कि पोस्ट वास्तव में गोगी गैंग से जुड़े किसी व्यक्ति ने ही डाली थी या फिर किसी ने पुलिस को भ्रमित करने के लिए गैंग के नाम का इस्तेमाल किया। सोशल मीडिया पर गैंग के नाम से पोस्ट डालना आपराधिक नेटवर्क में दबदबा कायम करने का एक तरीका भी हो सकता है।
इसलिए पुलिस पोस्ट के पीछे मौजूद व्यक्ति की पहचान के साथ-साथ उसके डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है। पोस्ट किस अकाउंट से की गई, अकाउंट का संचालन कौन करता है और पोस्ट से पहले या बाद में किन लोगों से संपर्क हुआ, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
इंटरनेशनल कनेक्शन ने बढ़ाई चुनौती
अंकित बालियान हत्याकांड में विदेश से संचालित गैंग का संभावित कनेक्शन सामने आने के बाद पुलिस के सामने चुनौती और बढ़ गई है। यदि जांच में यह बात पुष्ट होती है कि हत्या की साजिश विदेश में बैठे किसी गैंग संचालक ने रची थी, तो मामले की जांच का दायरा और बड़ा हो सकता है। पुलिस फिलहाल इस पूरे नेटवर्क को जोड़ने की कोशिश कर रही है। स्थानीय स्तर पर मौजूद शूटरों से लेकर जेल में बंद गैंग सदस्यों और विदेश में बैठे संदिग्ध सरगना तक के बीच संपर्क की कड़ियों को तलाशा जा रहा है।
पुलिस जल्द खोल सकती है कई राज
जांच एजेंसियों का मानना है कि हरियाणा में सक्रिय गैंग से जुड़े शूटरों की जानकारी सामने आने के बाद हत्याकांड की तस्वीर और साफ हो सकती है। पुलिस फिलहाल किसी भी व्यक्ति को सीधे तौर पर हत्याकांड का आरोपी घोषित करने से पहले पर्याप्त साक्ष्य जुटाने में लगी है। अंकित बालियान हत्याकांड में गोगी गैंग का नाम सामने आने और कनाडा में बैठे राहुल उर्फ भोलू की भूमिका की आशंका ने मामले को गंभीर बना दिया है।
अब पुलिस की कोशिश यह पता लगाने की है कि हत्या के पीछे वास्तविक वजह क्या थी, वारदात को अंजाम देने वाले शूटर कौन थे और उन्हें निर्देश किस स्तर से मिले थे। आने वाले दिनों में पूछताछ और तकनीकी जांच से इस पूरे नेटवर्क की कई अहम कड़ियां सामने आने की उम्मीद है।


