उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव (Unnao) में गंगा ने रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। जलस्तर खतरे के निशान से महज 15 सेंटीमीटर दूर है। बीते 24 घंटे में जलस्तर में 22 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। बाढ़ का पानी अब गांवों और संपर्क मार्गों तक पहुंचने लगा है। कई रास्तों पर आवागमन बंद हो गया है, जबकि ग्रामीण नाव के सहारे आने-जाने को मजबूर हैं। प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
कई गांवों का कटा संपर्क
मंगलवार को गंगा का जलस्तर 112.85 मीटर पहुंच गया, जो खतरे के निशान 113 मीटर से महज 15 सेंटीमीटर नीचे है। बीते 24 घंटे में जलस्तर में 22 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। जलस्तर बढ़ने से शुक्लागंज समेत कई निचले इलाकों में पानी घरों तक पहुंच गया है।
वहीं परियर, पनपथा, सफीपुर, फतेहपुर चौरासी, बीघापुर और गंजमुरादाबाद क्षेत्र के कई गांव बाढ़ की चपेट में हैं। कई संपर्क मार्ग जलमग्न होने से गांवों का सड़क संपर्क प्रभावित हो गया है।
स्कूलों में भरा पानी
ग्रामीण नाव के सहारे आवागमन कर रहे हैं। खेतों में खड़ी फसलें पानी में डूबने से किसानों को नुकसान हो रहा है, वहीं पशुपालकों के सामने मवेशियों के चारे का संकट भी खड़ा हो गया है। सफीपुर में स्कूल परिसर में पानी भरने पर प्राथमिक विद्यालय को पंचायत भवन में स्थानांतरित किया गया है।
ग्रामीणों को राहत सामग्री का इंतजार
बीघापुर के लालखेड़ा और दुलीखेड़ा में ग्रामीणों ने राहत सामग्री और नाव की व्यवस्था नहीं होने की शिकायत की है। हालांकि नवाबगंज में प्रशासन ने राहत और स्वास्थ्य शिविर लगाकर 150 प्रभावित परिवारों को राहत किट वितरित की। उधर, गंजमुरादाबाद और बांगरमऊ क्षेत्र में भी बढ़ते पानी से कई गांवों और सैकड़ों बीघा खेती पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।
रिपोर्ट: शिवम पांडे


