गोरखपुर: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर यूपी के गोरखपुर में महिला अस्पताल में जन्म लेने वाले नवजात बच्चों का विशेष स्वागत किया जाएगा। जन्माष्टमी के दिन पैदा होने वाले नन्हें बच्चों को कान्हा और राधा मानकर उनका जन्मोत्सव मनाया जाएगा। अस्पताल प्रशासन ने इसके लिए खास तैयारियां की है।
अस्पताल परिसर में बधाई गीतों के बीच नवजात बच्चों और उनके परिजनों के साथ खुशियां साझा की जाएंगी। अस्पताल प्रशासन की ओर से नवजातों के माता-पिता को कपड़े और मिठाई भी उपहार स्वरूप दी जाएगी।
20 से 25 बच्चों के जन्म की संभावना
अस्पताल प्रशासन के अनुसार जन्माष्टमी के आसपास करीब 20 से 25 प्रसव होने का अनुमान है। ऐसे में इस खास दिन जन्म लेने वाले बच्चों और उनके परिवारों के लिए यह पल यादगार बनाने की तैयारी की गई है।
हालांकि निजी अस्पतालों में भी जन्माष्टमी के अवसर पर प्रसव को लेकर लोगों की विशेष रुचि देखी जा रही है, लेकिन चिकित्सकों का साफ कहना है कि प्रसव की तारीख या प्रक्रिया तय करते समय मां और नवजात का स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता होगा। इस जन्माष्टमी गोरखपुर के जिला महिला अस्पताल में सिर्फ कान्हा के जन्म की खुशियां नहीं मनेंगी, बल्कि अस्पताल में जन्म लेने वाले हर नन्हें मेहमान का भी खास अंदाज में स्वागत किया जाएगा।
गोरखनाथ मंदिर में भी भव्य आयोजन
इसके अलावा गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व परंपरा, भव्यता और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। शाम सात बजे से शुरू होने वाले कार्यक्रमों का समापन रात 12 बजे भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के साथ होगा। इस अवसर पर भजन-कीर्तन के बीच गोरक्षपीठाधीश्वर भगवान श्रीकृष्ण के बालरूप को पालने में झुलाएंगे।
गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ ने बताया कि जन्माष्टमी के अवसर पर महंत दिग्विजयनाथ स्मृति भवन में बच्चों के लिए श्रीकृष्ण बालरूप सज्जा प्रतियोगिता और भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में बच्चे श्रीकृष्ण के बालरूप में सजकर हिस्सा लेंगे।
लोक गायक राकेश श्रीवास्तव की टीम द्वारा बालरूप सज्जा प्रतियोगिता दो वर्गों में कराई जाएगी। कान्हा वर्ग में एक से पांच वर्ष और गोपाल वर्ग में छह से आठ वर्ष तक के बच्चे हिस्सा ले सकेंगे।
रिपोर्ट: मुकेश कुमार


