कौशांबी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को हुए इस हादसे में गंभीर रूप से घायल 16 वर्षीय उर्वशी ने बुधवार सुबह इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। उर्वशी का प्रयागराज के स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में इलाज चल रहा था। उसकी मौत के साथ ही इस हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 14 हो गई है।
बताया जा रहा है कि उर्वशी विस्फोट के बाद गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाई गई थी। डॉक्टरों की निगरानी में उसका इलाज चल रहा था, लेकिन हालत में सुधार नहीं हो सका। बुधवार सुबह उसकी सांसें थम गईं। एक और परिवार की उम्मीद उस वक्त टूट गई, जब उन्हें उर्वशी के निधन की खबर मिली।
सोमवार को हुआ था दर्दनाक हादसा
यह हादसा सोमवार को प्रयागराज-कौशांबी सीमा पर मनौरी से सटे चिल्ला शहबाजी गांव में हुआ था। गांव में चल रही अवैध पटाखा फैक्ट्री में अचानक तेज धमाका हुआ। विस्फोट इतना जबरदस्त था कि आसपास का इलाका दहल उठा। देखते ही देखते फैक्ट्री का हिस्सा मलबे में तब्दील हो गया और वहां काम कर रहे कई लोग इसकी चपेट में आ गए।
हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी और राहत-बचाव का काम शुरू किया गया। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया। शुरुआत में ही 11 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी।
मंगलवार को दो और लोगों ने दम तोड़ा
हादसे में गंभीर रूप से घायल लोगों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा था। मंगलवार को इलाज के दौरान दो और घायलों की मौत हो गई। इसके बाद मृतकों की संख्या 13 पहुंच गई थी। बुधवार सुबह उर्वशी की मौत के बाद यह आंकड़ा अब 14 हो गया है। तीन घायलों का इलाज जारी है। डॉक्टर उनकी हालत पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। हादसे में घायल लोगों और मृतकों के परिवारों पर इस त्रासदी का गहरा असर पड़ा है।
मलबे में अब भी अपनों की तलाश
हादसे के बाद गांव में राहत और तलाश का काम जारी है। पुलिस-प्रशासन की टीमें मलबा हटाकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं कोई व्यक्ति अभी भी उसके नीचे तो नहीं दबा है। मशीनों की मदद से मलबे को हटाया जा रहा है और हर हिस्से की बारीकी से जांच की जा रही है।
दूसरी ओर, जिन परिवारों ने इस हादसे में अपने लोगों को खोया है, उनके लिए घटनास्थल का मलबा अब भी कई सवालों का जवाब छिपाए हुए है। कुछ परिवार अपने घर और फैक्ट्री के मलबे में जरूरी सामान और कीमती चीजें तलाश रहे हैं। किसी को अपने दस्तावेजों की चिंता है तो कोई घर में रखे सामान को ढूंढ रहा है।
गांव में पसरा है मातम
एक के बाद एक मौत की खबर आने के बाद चिल्ला शहबाजी गांव में मातम का माहौल है। सोमवार को जिस जगह लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी चल रही थी, वही जगह अब हादसे की भयावह याद बन चुकी है। ग्रामीणों के बीच घटना को लेकर गुस्सा और डर दोनों है।स्थानीय लोगों का कहना है कि पटाखों के निर्माण और भंडारण से जुड़े नियमों की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है, यह हादसा उसकी दर्दनाक तस्वीर है। अब प्रशासन की जांच के साथ यह सवाल भी उठ रहा है कि गांव में अवैध रूप से पटाखा निर्माण का काम आखिर कैसे चल रहा था।
तीन घायलों का इलाज जारी
तीन घायल अस्पताल में भर्ती हैं और उनका इलाज किया जा रहा है। प्रशासन की ओर से हादसे के कारणों और फैक्ट्री के संचालन से जुड़े पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई भी जारी है। कौशांबी की इस घटना ने एक बार फिर अवैध पटाखा कारोबार और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे में अब तक 14 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई परिवार अपनों को खोने के सदमे से गुजर रहे हैं। बुधवार को 16 साल की उर्वशी की मौत ने इस दर्दनाक हादसे में एक और परिवार को तोड़ दिया।


