हापुड़ जिले से मिलावटखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आई है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की टीम ने जिले के तीन अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी करते हुए बड़े पैमाने पर मिलावटी पनीर तैयार करने के अवैध कारोबार का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में करीब 1300 किग्रा मिलावटी पनीर बरामद किया गया, जिसे रात के अंधेरे में गुपचुप तरीके से तैयार किया जा रहा था।
मिली जानकारी के अनुसार, टोडरपुर, सिंभावली और हापुड़ क्षेत्र में तीन जगहों पर एक साथ छापेमारी की गई। जांच में सामने आया कि जहीर के पास से 320 किलो, कादिर के पास से 350 किलो और जमीर के पास से 550 किलो मिलावटी पनीर बरामद हुआ। यह सारा पनीर नीले रंग के प्लास्टिक ड्रमों और टपों में भरकर रखा गया था, ताकि इसे आसानी से आसपास के क्षेत्रों में सप्लाई किया जा सके।
टीम ने मौके से पनीर और दूध के कुल तीन नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इसमें किन-किन हानिकारक रसायनों की मिलावट की जा रही थी। हालांकि प्रारंभिक जांच में ही यह साफ हो गया था कि यह पनीर सेहत के लिए अत्यंत हानिकारक है, जिसके चलते मौके पर ही करीब 3 लाख 74 हजार 680 रुपये मूल्य का पनीर नष्ट करा दिया गया।
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अधिकारियों के अनुसार, यह मिलावटी पनीर रातोंरात तैयार कर आसपास के बाजारों और दुकानों में सप्लाई किया जाता था। पनीर के नाम पर लोगों को धड़ल्ले से सफेद जहर परोसा जा रहा था और उनकी सेहत के साथ खुला खिलवाड़ किया जा रहा था। इस मिलावटखोरी का सबसे ज्यादा असर त्योहारी सीजन और शादी-समारोहों में देखने को मिलता है, जब पनीर की मांग अचानक बढ़ जाती है और मिलावटखोर इसका फायदा उठाकर सस्ता व नकली माल बाजार में उतार देते हैं।
एफएसडीए की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। विभाग का कहना है कि प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही विभाग ने आम जनता से भी अपील की है कि वे पनीर व अन्य दुग्ध उत्पाद खरीदते समय सतर्कता बरतें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को दें।
रिपोर्ट- तेजेंद्रपाल सिंह/ सोनू सिंह (हापुड़)


